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जुलाई से LPG नियमों में बड़े बदलाव: अब OTP और DAC के बिना नहीं मिलेगी गैस, जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी


LPG gas new rules : जुलाई का महीना शुरू होते ही रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए गए हैं। अगर आप भी घर में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो ये नई गाइडलाइंस आपके काम की हैं। सरकार ने डिलीवरी और सब्सिडी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के नए स्तर जोड़े हैं। अब सिलेंडर की डिलीवरी उतनी आसान नहीं रही जितनी पहले हुआ करती थी। अब आपको डिलीवरी बॉय को सिर्फ पैसे नहीं देने, बल्कि डिजिटल सत्यापन की प्रक्रियाओं से भी गुजरना होगा। सबसे बड़ा बदलाव सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में आया है। अब बिना ओटीपी के सिलेंडर मिलना नामुमकिन हो गया है। जैसे ही आप अपने गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग करते हैं, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जब डिलीवरी वाला आपके घर पहुंचेगा, तो आपको वह ओटीपी उसे बताना ही होगा। अगर आपके पास ओटीपी नहीं है या आप उसे शेयर नहीं करते, तो बुकिंग कन्फर्म होने के बावजूद आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा। सरकार का यह कदम सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। साथ ही, अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी का भी नियम लागू हो गया है। यह ओटीपी जैसा ही एक सुरक्षा कोड है। डिलीवरी के समय जब तक आप यह कोड उन्हें नहीं बताएंगे, तब तक डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी। एक बार सफलतापूर्वक डिलीवरी हो जाने के बाद, आपके मोबाइल पर एक डिजिटल कैश नोट भेजा जाएगा। इसमें सिलेंडर की कीमत, भुगतान की पूरी जानकारी और डिलीवरी की तारीख जैसे विवरण होंगे। यह एक तरह की पक्की रसीद है जो यह साबित करती है कि आपका लेनदेन सही तरीके से पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एक बेहद जरूरी सूचना है। अब सब्सिडी पाने के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों ने 30 जून 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी मिलना बंद हो सकती है। यह सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है, इसलिए केवाईसी में लापरवाही आपके बजट पर भारी पड़ सकती है। इसके अलावा, वैश्विक परिस्थितियों और मध्य-पूर्व में चल रही अस्थिरता के कारण सब्सिडी के दायरे में भी बदलाव किए गए हैं। पहले जहां साल भर में नौ सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी, अब यह सुविधा केवल चार सिलेंडरों तक सीमित कर दी गई है। यदि आपके पास पीएनजी कनेक्शन है और आप साथ ही एलपीजी सिलेंडर भी रख रहे हैं, तो अब आपको सतर्क रहने की जरूरत है। नए नियमों के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को अपना पीएनजी कनेक्शन सक्रिय रखना होगा और एलपीजी सिलेंडर को 30 दिनों के भीतर वापस करना होगा। सिलेंडर सरेंडर करने पर आपको एक ट्रांसफर वाउचर मिलेगा। यह वाउचर तब काम आएगा जब आप किसी ऐसी जगह शिफ्ट होंगे जहां पीएनजी की सुविधा नहीं है, वहां आप इससे नया एलपीजी कनेक्शन ले सकेंगे। पीएनजी बिल भुगतान को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अगर आप लगातार दो महीनों तक अपना पीएनजी बिल नहीं भरते हैं, तो आपका कनेक्शन काटा जा सकता है। कनेक्शन दोबारा शुरू कराने के लिए आपको न केवल बकाया राशि देनी होगी, बल्कि अन्य कानूनी और तकनीकी औपचारिकताओं का भी पालन करना होगा। इसके अलावा, यदि पाइपलाइन या वाल्व को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया, तो उसकी पूरी मरम्मत का खर्च संबंधित उपभोक्ता को ही उठाना पड़ेगा। यह नियम सिस्टम की सुरक्षा और बर्बादी को रोकने के लिए लाया गया है।