Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

MP स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला,शिक्षकों के तबादले के लिए नई शर्तें


MP Teacher Transfer Policy 2026 : मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले लाखों शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में तबादलों की प्रक्रिया को लेकर नई नीति का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा। विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब तबादले पूरी तरह से शिक्षकों की कार्य-संस्कृति और उनकी ई-अटेंडेंस (e-Attendance) से जुड़ गए हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

अटेंडेंस ही अब तबादले का पैमाना

स्कूल शिक्षा विभाग की नई नीति के तहत तबादले की पात्रता केवल उन्हीं शिक्षकों को मिलेगी, जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत या उससे अधिक रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति इससे कम है, तो वे इस साल तबादले की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस कदम के पीछे सरकार की सोच यह है कि स्कूल में नियमित रूप से आने वाले और अपना दायित्व निभाने वाले शिक्षकों को ही मनचाही पोस्टिंग का लाभ मिले। इस शर्त ने प्रदेश भर के शिक्षकों के बीच चर्चा छेड़ दी है।

अप्रैल तक का डेटा होगा आधार

तबादले की पात्रता तय करने के लिए विभाग ने अप्रैल महीने तक के अटेंडेंस आंकड़ों को अंतिम माना है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला और संकुल स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मई और जून के दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण अप्रैल तक की उपस्थिति को ही मुख्य आधार बनाया जाए। इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों का पूरा डेटा एजुकेशन पोर्टल पर तुरंत अपडेट करने के लिए कहा गया है। विभाग का प्रयास है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी पात्र शिक्षक इससे वंचित न रहे।

58 हजार शिक्षकों के लिए फिलहाल इंतजार

एक अहम जानकारी यह भी है कि राज्य सरकार ने वर्तमान में करीब 58 हजार शिक्षकों के तबादलों पर रोक लगा दी है। लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, इन शिक्षकों के तबादले फरवरी 2027 तक के लिए टाल दिए गए हैं। इसका अर्थ यह है कि इस अवधि तक इन शिक्षकों को अपनी वर्तमान पदस्थापना पर ही काम करना होगा। हालांकि, विभाग ने यह संकेत भी दिए हैं कि भविष्य में इन शिक्षकों के लिए अलग से नीति तैयार की जा सकती है, लेकिन फिलहाल इन तबादलों पर पूरी तरह से विराम है।

पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना अनिवार्य

स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जून 2026 तक एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर सभी शिक्षकों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। इसमें उन शिक्षकों की विशेष जानकारी भी मांगी गई है, जिनकी ड्यूटी जनगणना के काम में लगाई गई है। ऐसे शिक्षकों के तबादलों को लेकर विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना कार्य में व्यस्त होने के कारण उन्हें इस प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा। विभाग ने स्कूल स्तर पर कार्यरत प्रत्येक शिक्षक का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्यों और जिला अधिकारियों को सौंपी है।