सरकारी महकमे की बड़ी लापरवाही, 2026 की डीपीसी अटकी तो इन अफसरों को होगा भारी नुकसान
GAD MP promotion rules update : एमपी के सरकारी महकमों में इन दिनों खलबली मची हुई है। मामला कुछ ऐसा है कि सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी के नियमों में हुई तकनीकी गड़बड़ी अब हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों पर भारी पड़ने लगी है। हालत यह है कि कई लोगों के डिमोशन होने की तलवार लटक रही है।
दिक्कत यह है कि पदोन्नति नियम 2025 के तहत प्रक्रिया साल 2025 से शुरू होनी थी, लेकिन कोर्ट-कचहरी के चक्कर में यह साल 2026 में आ गई। विभाग अभी भी पुराने नियमों के हिसाब से ही सब कुछ कर रहे हैं क्योंकि जीएडी ने कोई नया अपडेटेड नियम जारी नहीं किया है।
नियमों की इस पेचीदगी में साल 2026 की डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक का कॉलम ही गायब हो गया है। नतीजा यह है कि जो अधिकारी सालभर से प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें सीधा पदावनत यानी डिमोट होना पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि विभाग को पहले ही नियमों में संशोधन कर लेना चाहिए था ताकि किसी का नुकसान न हो।
रिटायर अफसरों की बल्ले-बल्ले और प्रभारी अधिकारी परेशान
इस पूरे तकनीकी पेंच का असर यह हुआ है कि जो अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुके हैं, उन्हें तो इसका फायदा मिल सकता है, लेकिन जो लोग सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं वे हाथ मलते रह जाएंगे। अधिकारियों का मनोबल भी इस स्थिति से काफी गिर रहा है।
नियमों के जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते रिव्यू डीपीसी का रास्ता नहीं निकाला गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकार और विभागों को मिलकर जल्द से जल्द इस गलती को सुधारना होगा ताकि मेहनत करने वाले कर्मचारियों के साथ कोई अन्याय न हो।
मध्य प्रदेश में नया साइबर फ्रॉड, बॉस बनकर लोगों को लगा रहे चूना
नौकरीपेशा लोगों के लिए एक और बड़ी मुसीबत सामने आ गई है। मध्य प्रदेश में इन दिनों 'बॉस स्कैम' तेजी से पैर पसार रहा है। शातिर ठग सोशल मीडिया के जरिए पहले यह पता लगाते हैं कि कौन किस कंपनी में काम करता है और उस कंपनी का बड़ा अधिकारी कौन है।
मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026" के विधेयक का अनुमोदन
— Urban Administration & Development Department, MP (@mpurbandeptt) July 19, 2026
▶️मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026" का अनुमोदन
▶️मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026 का अनुमोदन
RM: https://t.co/2IvzaNeJDD@DrMohanYadav51#LokNirmanSeLokKalyan #JansamparkMP #Cabinet pic.twitter.com/kwY4G3f24F
इसके बाद ठग उसी बॉस के नाम से एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते हैं। वे कर्मचारियों को मैसेज भेजकर अपना नया नंबर सेव करने को कहते हैं। कुछ दिन तक आम बातचीत करके भरोसा जीतने के बाद वे अचानक किसी जरूरी काम या पेमेंट के नाम पर पैसों की मांग करते हैं।
मध्य प्रदेश राज्य साइबर सेल ने इस नए तरीके के फ्रॉड को लेकर सभी को चेतावनी जारी की है। अगर आपके पास भी ऑफिस के किसी बड़े अधिकारी का ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज आए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और सीधे फोन पर बात करके पुष्टि जरूर कर लें।
