MP Maharashtra Border : मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की
सीमा पर स्थित सिवनी जिले के मेटेवानी चेकपोस्ट पर बीती देर रात अचानक भारी हंगामा हो गया। एंट्री फीस के नाम पर कथित अवैध वसूली से नाराज सौ से अधिक ट्रक ड्राइवरों और उनके साथियों ने परिवहन विभाग (RTO) की अस्थाई चौकी को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, आक्रोशित भीड़ ने वहां खड़े आरटीओ के एक वाहन को पलट दिया और उसमें जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही सिवनी जिला मुख्यालय और नजदीकी थानों से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका। इस टकराव के कारण हाईवे पर कई घंटों तक लंबा जाम लगा रहा।
एंट्री के नाम पर वसूली को लेकर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना देर रात उस समय शुरू हुई जब मेटेवानी अंतरराज्जीय चेकपोस्ट पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों ने कुछ ट्रकों को जांच के लिए रोका। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा ट्रक चालकों से एंट्री के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी। इस बात को लेकर चालकों और ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हाईवे पर मौजूद अन्य ट्रक चालक भी वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
उग्र भीड़ ने मचाया तांडव
गुस्साए वाहन चालकों की तादाद देखते ही देखते सौ के पार पहुंच गई। माहौल बिगड़ता देख आरटीओ कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। इसके बाद उग्र भीड़ ने आरटीओ की अस्थाई चौकी में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। चौकी धू-धू कर जल उठी और वहां रखा सरकारी रिकॉर्ड और सामान जलकर खाक हो गया। https://twitter.com/mpbignews/status/2059524734543659318 इसके बाद भी ड्राइवरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने परिसर में खड़े आरटीओ से जुड़े एक बोलेरो वाहन को बीच सड़क पर पलट दिया और लाठी-डंडों से उसके शीशे तोड़ दिए।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
अंतरराज्जीय सीमा पर हुए इस बवाल के कारण मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सिवनी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए सबसे पहले उग्र भीड़ को खदेड़ा और दमकल विभाग की मदद से चौकी में लगी आग पर काबू पाया। पुलिस प्रशासन ने ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात करके रात में ही हाईवे को दोबारा चालू करवाया ताकि आवश्यक सेवाओं की गाड़ियों को निकाला जा सके।