Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

MP में कर्मचारियों के ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट, इस तारीख से हटेगा बैन, जानें क्या हैं नए नियम और किसे मिलेगी छूट


  • मध्यप्रदेश में 15 मई से एक महीने के लिए तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया जा सकता है।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को ट्रांसफर पॉलिसी का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए।
  • कैबिनेट मंत्रियों ने स्वैच्छिक ट्रांसफर की वर्तमान 10% की सीमा को बढ़ाने की मांग की है।
  • स्कूल शिक्षा विभाग के बड़े कैडर को देखते हुए इसके लिए अलग से ट्रांसफर नीति बनाई जाएगी।
  • जिन कर्मचारियों की ड्यूटी मार्च 2027 तक जनगणना कार्य में लगी है, उनका ट्रांसफर नहीं होगा।
MP Transfer Policy 2026 : मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और काम की खबर है। राज्य में पिछले काफी समय से तबादलों पर लगी रोक जल्द ही हटने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 5 मई 2026 को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में नई तबादला नीति (MP Transfer Policy 2026) को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सरकार आगामी 15 मई से एक महीने के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसका प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही मोहन कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाना और कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान करना है।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश

कैबिनेट बैठक के दौरान जब कुछ मंत्रियों ने ट्रांसफर का मुद्दा उठाया, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सीधे निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों से पूछा कि जब पहले ही ट्रांसफर पॉलिसी जल्द लाने पर सहमति बन चुकी थी, तो अब तक इसमें देरी क्यों हुई? उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रस्ताव को बिना किसी देरी के तुरंत कैबिनेट के सामने लाया जाए। सीएम यादव ने यह भी साझा किया कि उनके पास तबादलों के ढेरों आवेदन आते हैं, जिन पर वे 'ए प्लस' नोट भी लिखते हैं, लेकिन अलग-अलग विभागों के विरोधाभासों के कारण काम अटक जाता है। इसीलिए सरकार हर साल एक निश्चित समय के लिए ट्रांसफर विंडो खोलेगी। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे इस बात का पूरा ध्यान रखें कि तबादला करते समय सभी कर्मचारियों के साथ न्याय हो।

मंत्रियों ने की स्वैच्छिक ट्रांसफर की सीमा बढ़ाने की मांग

बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक (वॉलंटरी) ट्रांसफर की मौजूदा 10 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। मंत्री राजपूत के मुताबिक, विधायकों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। अगर किसी विभाग का कैडर 200 कर्मचारियों का है, तो मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ 20 लोगों का ही तबादला हो पाता है, जिससे कई जरूरतमंद कर्मचारी छूट जाते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी इस मांग का समर्थन किया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बड़े विभागों में इसका दायरा बढ़ाना बेहद जरूरी है।

स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बनेगी अलग नीति

इस बार की तबादला नीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग सभी विभागों के लिए एक समान नियम बना रहा है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग को इससे अलग रखा जाएगा। शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की भारी संख्या और उनके काम की प्रकृति को देखते हुए इसके लिए एक अलग और विशेष ट्रांसफर नीति तैयार की जा रही है। इसका स्पष्ट उल्लेख सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य प्रस्ताव में भी किया गया है।

जनगणना ड्यूटी वाले कर्मचारियों को नहीं मिलेगी राहत

आगामी ट्रांसफर नीति में एक सख्त नियम भी जोड़ा जा रहा है। जिन सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की ड्यूटी मार्च 2027 तक होने वाले जनगणना (Census) कार्य में लग चुकी है, उनके तबादले फिलहाल नहीं किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग इस संबंध में जनगणना शाखा से तालमेल बिठाकर ही नीति को अंतिम रूप दे रहा है। यह नियम शिक्षा के साथ-साथ उन सभी विभागों पर लागू होगा जिनके कर्मचारी इस राष्ट्रीय कार्य में व्यस्त हैं।