Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

मध्य प्रदेश में UCC पर बड़ा अपडेट, मुख्यमंत्री को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट, अब क्या होगा अगला कदम?


मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा अब नए चरण में पहुंच गई है। जिस अंतिम रिपोर्ट का इंतजार सरकार और आम लोगों को था, वह अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन संबंधों से जुड़े कानूनों में संभावित बदलाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि UCC अभी लागू नहीं हुआ है। फिलहाल समिति ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपी हैं। अब इन पर कानूनी समीक्षा होगी और उसके बाद ही विधेयक को आगे बढ़ाया जाएगा। इसलिए लोगों के बीच चल रही कई तरह की चर्चाओं और अफवाहों से अलग, यह अभी कानून बनने की शुरुआती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।

मुख्यमंत्री को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट

सोमवार को समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपना अंतिम प्रतिवेदन सौंप दिया। इस दौरान समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर और सदस्य सचिव अजय कटेसरिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने तय समय सीमा में रिपोर्ट तैयार करने के लिए समिति की सराहना की और कहा कि यह दस्तावेज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा। सरकार अब रिपोर्ट की सिफारिशों का कानूनी परीक्षण कर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

तीन हिस्सों में तैयार हुई पूरी रिपोर्ट

समिति ने अपनी रिपोर्ट को तीन अलग-अलग भागों में तैयार किया है ताकि हर पहलू का विस्तार से अध्ययन किया जा सके। पहले भाग में देश और विदेश की विभिन्न व्यवस्थाओं, मौजूदा कानूनों, सामाजिक परंपराओं और संवैधानिक प्रावधानों का अध्ययन शामिल किया गया है। इसमें कुल 10 अध्याय हैं, जिनमें अलग-अलग विषयों पर समिति की अनुशंसाएं दर्ज की गई हैं। दूसरा भाग सबसे अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें प्रस्तावित UCC विधेयक का प्रारूप शामिल है। इसी मसौदे के आधार पर आगे कानून तैयार किया जा सकता है। तीसरा भाग जन-परामर्श पर आधारित है, जिसमें लोगों से मिले सुझावों और उनकी राय का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

404 धाराओं वाला विधेयक तैयार

समिति ने जो प्रारूप तैयार किया है, उसमें 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं। ड्राफ्ट तैयार करते समय मध्य प्रदेश की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक परिस्थितियों और कानूनी ढांचे को ध्यान में रखा गया है। हालांकि यह मसौदा अंतिम कानून नहीं माना जाएगा। सरकार और विधि विभाग की समीक्षा के बाद इसमें बदलाव भी संभव हैं। यही कारण है कि आगे की प्रक्रिया काफी अहम मानी जा रही है।

9.58 लाख से ज्यादा सुझावों का विश्लेषण

रिपोर्ट तैयार करने के दौरान समिति ने केवल विशेषज्ञों की राय पर ही भरोसा नहीं किया बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने की कोशिश की। जिला स्तर, राज्य स्तर और ऑनलाइन माध्यम से कुल 9.58 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। रिपोर्ट में इन सुझावों का प्रश्नवार, लिंगवार और समुदायवार विश्लेषण भी शामिल किया गया है। इससे यह समझने की कोशिश की गई कि अलग-अलग वर्गों की प्राथमिकताएं और चिंताएं क्या हैं। इतनी बड़ी संख्या में प्राप्त सुझाव इस विषय को लेकर लोगों की रुचि और भागीदारी को भी दर्शाते हैं।

अनुसूचित जनजातियों को दायरे से बाहर रखने की सिफारिश

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि समिति ने अनुसूचित जनजातियों (ST) को UCC के दायरे से बाहर रखने की अनुशंसा की है। समिति का मानना है कि मध्य प्रदेश में बड़ी आदिवासी आबादी है और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर यह सुझाव दिया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार और बाद में विधानसभा की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

किन विषयों पर किया गया अध्ययन?

राज्य सरकार ने समिति को व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों से जुड़े कई विषयों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी थी। इनमें विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन संबंध जैसे विषय शामिल रहे। समिति ने मौजूदा कानूनों, न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों, संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक परंपराओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें तैयार की हैं।

लैंगिक समानता पर विशेष जोर

समिति ने रिपोर्ट तैयार करते समय लैंगिक समानता को प्रमुख आधार बताया है। साथ ही यह भी कहा गया कि विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक संवेदनशीलताओं का सम्मान बनाए रखने का प्रयास किया गया है। यानी रिपोर्ट केवल कानूनी बदलाव तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संतुलन और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश भी इसमें दिखाई देती है।