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मोहन कैबिनेट का मंगलवार वाला दांव: किसानों को कवच, शिक्षकों को इनाम और ग्वालियर को मिलेगी नई पहचान

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक कई अहम घोषणाएं, जानिए आपके लिए क्या बदलेगा
MP Cabinet meeting

MP Cabinet meeting : भोपाल की गलियों में मंगलवार की शाम एक खबर तेज़ी से फैली। मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक ने ऐसे फैसले लिए, जिनका असर सीधे किसान के खेत से लेकर स्कूल की क्लास तक दिखेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। बैठक के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह मीडिया के सामने आए और एक-एक फैसले की जानकारी दी।

सबसे पहले बात करते हैं किसानों की। सहकारिता विभाग ने एक नई योजना शुरू की है, नाम है सुरक्षा कवच योजना। यह उन किसानों के लिए है, जो सहकारी समितियों से लिए गए लोन में उलझ गए हैं और डिफाल्टर घोषित हो चुके हैं।

किसानों को मिलेगा सुरक्षा कवच

करीब 5 हज़ार किसान ऐसे हैं, जिनके ऋण खातों में गड़बड़ी की वजह से वे परेशानी में हैं। सरकार का कहना है कि इसमें किसान की कोई गलती नहीं थी, समितियों के स्तर पर अनियमितता हुई थी।


अब जिला सहकारी बैंक और अपेक्स बैंक मिलकर अपनी नीति बनाएंगे, ताकि इन किसानों को वापस मुख्यधारा में लाया जा सके और वे सरकारी योजनाओं का फायदा उठा सकें। मध्य प्रदेश में खेती-किसानी से जुड़े लाखों परिवारों के लिए यह राहत की खबर है।

शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा दांव

राकेश सिंह ने बताया कि महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व पूरे प्रदेश में मनाया गया। इस मौके पर 60 नए सांदीपनि स्कूल खोलने की घोषणा हुई है। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हज़ार शिक्षकों की भर्ती पूरी की जा चुकी है।

तकनीक की बात करें तो अब प्रदेश के 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में AI पर आधारित मिशन बुनियाद शुरू होगा। यानी अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से जुड़ेंगे।जो प्राचार्य लगातार तीन साल तक बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देंगे, उन्हें 1 लाख रुपए की सम्मान राशि मिलेगी। इसके अलावा स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए अलग से दिए जाएंगे।


जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के लिए भी खुशखबरी है। जो शिक्षक 1 जुलाई 2023 के बाद 35 साल की सेवा पूरी करेंगे, उन्हें चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा। अगले 3 साल में करीब 6,846 शिक्षकों को इसका फायदा मिलने वाला है।

ग्वालियर बनेगा टेलीकॉम हब

अब बात करते हैं एक ऐसे प्रोजेक्ट की, जो मध्य प्रदेश की तस्वीर बदल सकता है। देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में बनने जा रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू हो चुका है।

350 एकड़ में फैला यह ज़ोन मोबाइल निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर चिप्स और 5G-6G तकनीक तक का केंद्र बनेगा। केंद्र सरकार ने पहले चरण के लिए 493 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

राज्य सरकार भी पीछे नहीं है। वह 170 एकड़ ज़मीन मुफ्त में दे रही है, जिसकी कीमत करीब 596 करोड़ रुपए आंकी गई है। कुल मिलाकर इस प्रोजेक्ट से प्रदेश में 15 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश आएगा और 5 हज़ार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।

हाईकोर्ट और सामाजिक संस्थाओं के लिए फैसले

जबलपुर हाईकोर्ट के लिए 7 फरवरी को बनाए गए 20 नए पदों के नाम बदले गए हैं, पुराने पदनामों की जगह अब नए पदनाम इस्तेमाल होंगे।

एक दिलचस्प फैसला अखिल भारतीय दयानंद आश्रम सेवा संघ को लेकर भी हुआ। यह संस्था दिल्ली में पंजीकृत है, लेकिन इसका काम रतलाम और झाबुआ जिलों में चलता है। चूंकि मध्य प्रदेश में इसी नाम से दोबारा पंजीयन नहीं हो सकता, इसलिए सरकार ने 2015-16 से 2024-25 तक के लिए पंजीयन की शर्त से 10 साल की छूट दे दी है। खास बात यह है कि इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा।

जन विश्वास अभियान और तिरंगा यात्रा

7 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव छिंदवाड़ा से "जन विश्वास अभियान" की शुरुआत करेंगे। सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में जाकर आम लोगों से सीधा संवाद करेंगे।

इसके बाद 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलेगा। इस बार वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसे भी अभियान से जोड़ा गया है। रंगोली, प्रदर्शनी, तिरंगा कॉन्सर्ट, साइकिल और बाइक रैलियां प्रदेशभर में होंगी। सैनिकों और पुलिसकर्मियों के सम्मान में पत्र लेखन जैसे कार्यक्रम भी होंगे।

खेल और स्वास्थ्य के लिए खजाना खुला

खेल विभाग के लिए अगले 5 साल में 2,460 करोड़ रुपए स्टेडियम और खेल सुविधाओं पर खर्च होंगे। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह आंकड़ा और बड़ा है, 5 साल में 12,517 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास मिशन के लिए 2,448 करोड़ और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना के लिए 11,812 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो मंगलवार की यह कैबिनेट बैठक किसान, शिक्षक, खिलाड़ी और मरीज, हर वर्ग को कुछ न कुछ देकर गई है। अब देखना यह है कि ये फैसले ज़मीन पर कितनी तेज़ी से उतरते हैं।