'मम्मी मुझे माफ कर देना...सुसाइड नोट में लिखी एक लाइन ने बदल दिया पूरे मामले का रुख,
- ग्वालियर में फोटोग्राफर ने घर में आत्महत्या की।
- घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ।
- नोट में एकतरफा प्रेम का जिक्र किया गया।
MP Crime Update : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। गिरवाई थाना क्षेत्र के सिकंदर कंपू स्थित गड्डा वाला मोहल्ला में रहने वाले फोटोग्राफर मोंटी मोरे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट और कमरे की दीवार पर लिखे कुछ आखिरी शब्द मिले हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक ने अपने सुसाइड नोट में एक रिश्ते की महिला के प्रति एकतरफा प्रेम का जिक्र किया है। पुलिस फिलहाल सभी तथ्यों की पुष्टि करने और हर पहलू की निष्पक्ष जांच में जुटी हुई है।
सुसाइड नोट में परिवार से मांगी माफी
पुलिस के अनुसार, मोंटी मोरे ने आत्महत्या से पहले जो सुसाइड नोट छोड़ा, उसमें सबसे पहले अपनी मां और परिवार से माफी मांगी है। उसने लिखा कि वह परिवार को छोड़कर जा रहा है और अपने इस फैसले के लिए क्षमा चाहता है।
सुसाइड नोट में उसने यह भी लिखा कि वह संबंधित महिला के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर पा रहा था। हालांकि उसने परिवार से साफ शब्दों में अपील की कि उसकी मौत के लिए उस महिला को किसी भी तरह जिम्मेदार न ठहराया जाए और उसे परेशान न किया जाए।
एकतरफा प्रेम का जिक्र, लेकिन पुलिस कर रही है सभी पहलुओं की जांच
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मोंटी पेशे से फोटोग्राफर था। जांच में यह बात सामने आई है कि वह अपने रिश्ते की एक महिला को पसंद करता था, जिसकी उम्र उससे करीब 20 वर्ष अधिक बताई जा रही है। फिलहाल यह भी स्पष्ट किया गया है कि महिला की ओर से किसी प्रकार के प्रेम संबंध या ऐसे किसी व्यवहार की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस केवल सुसाइड नोट के आधार पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालने के बजाय सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है।कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही गिरवाई थाना पुलिस और फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया गया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, सुसाइड नोट को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि उसकी सत्यता और अन्य तकनीकी पहलुओं की पुष्टि हो सके। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर सकती हैं, यदि उनकी आवश्यकता महसूस होती है।
सीएसपी ने क्या कहा
मामले को लेकर सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। परिजनों और संबंधित महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
