monsoon 2026 Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में
दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद और भद्राचलम के आसपास स्थिर बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश की दक्षिणी सीमा से मानसून अभी लगभग 350 से 400 किलोमीटर दूर है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर मानसून आगे बढ़ सकता है। हालांकि यह मध्य प्रदेश में कब तक पहुंचेगा, यह पूरी तरह उसकी आगे बढ़ने की गति पर निर्भर करेगा। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
प्री-मानसूनी बारिश ने कई जिलों को भिगोया
मानसून भले अभी दूर हो, लेकिन प्री-मानसूनी बारिश ने कई इलाकों में राहत पहुंचाई है। मंगलवार और बुधवार की रात गुना जिले के बीनागंज-चाचौड़ा क्षेत्र में जोरदार बारिश हुई। स्थानीय स्तर पर करीब तीन घंटे तक तेज वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार चाचौड़ा में सबसे अधिक 67 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी मध्यम स्तर की वर्षा हुई, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिली। पिछले 24 घंटों के दौरान गौहरगंज, बैरसिया, मुलताई, हरसूद, सिवनी, डिंडौरी, भैंसदेही, श्योपुर, बुरहानपुर, बैतूल और गुलाबगंज में भी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में बुधवार को 14 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि इंदौर में शाम के समय बारिश देखने को मिली।
30 जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश की भी संभावना है।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
प्री-मानसूनी गतिविधियों का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। जिन क्षेत्रों में बारिश हुई, वहां अधिकतम तापमान में 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। बैतूल का अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 10 डिग्री कम और सामान्य से 7.5 डिग्री कम रहा। भोपाल में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम है। गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह राहत भरी खबर जरूर है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश रुकते ही उमस बढ़ सकती है और लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
बुंदेलखंड में अब भी गर्मी का असर
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बावजूद बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर बना हुआ है। बुधवार को खजुराहो मध्य प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और नौगांव में 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसी बीच मौसम विभाग ने रतलाम और बालाघाट जिलों के लिए लू की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति बताती है कि प्रदेश में फिलहाल मौसम का स्वरूप एक जैसा नहीं है। कहीं बारिश राहत दे रही है तो कहीं गर्मी अभी भी लोगों की परीक्षा ले रही है।
प्रमुख शहरों का तापमान
भोपाल में अधिकतम तापमान 34.8 और न्यूनतम 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर का अधिकतम तापमान 39.8 और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जबलपुर में अधिकतम तापमान 39.3 और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।