MP में मानसून फिर मेहरबान: 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, CM मोहन यादव ने कलेक्टरों को किया अलर्ट पर
Mp Big News , MP Weather Alert : मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी संबंधित और प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से कहा है कि मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए तैयारियां पहले से पूरी रखें। राहत और बचाव से जुड़े जरूरी संसाधनों को चिन्हित कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना देरी कार्रवाई शुरू की जा सके।
किन जिलों पर सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन नौ जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा और रायसेन समेत करीब दो दर्जन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इंदौर, धार, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, कटनी, बालाघाट और मंडला जैसे जिलों में भी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
CM ने कलेक्टरों को क्या निर्देश दिए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के सभी इंतजाम पहले से तैयार रखे जाएं। उनका जोर है कि प्रशासन पानी बरसने का इंतजार किए बिना संसाधन और टीमें पहले से मुस्तैद रखे।
CM ने खासतौर पर शुक्रवार शाम की भारी बारिश की आशंका और शनिवार दोपहर उत्तरी मध्यप्रदेश में बनने वाले अलर्ट को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने संवेदनशील और निचले इलाकों की लगातार निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। नदी-नालों और बांधों के जलस्तर पर नजर रखने की भी हिदायत दी गई है, ताकि पानी भरने की नौबत आने से पहले ही लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके।
अब तक कितनी बारिश हुई, कितनी बाकी
इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में अब तक करीब 27.7 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस समय तक राज्य में लगभग 37.3 इंच बारिश हो जाती है, यानी आंकड़ा अभी करीब 3.1 इंच पीछे चल रहा है।
सामान्य कोटा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश और चाहिए। पिछले कुछ दिनों में पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश ने रफ्तार पकड़ी है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो बताता है कि सिस्टम कितना सक्रिय है।
हर जिले में बारिश का हाल एक जैसा नहीं
राज्य में बारिश का बंटवारा असमान बना हुआ है। जहां पूर्वी मध्यप्रदेश में तेज बारिश हो रही है, वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोत और बांध अब भी कमजोर स्थिति में हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो-टूक कहा है कि तैयारी में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए, चाहे किसी जिले में बारिश कम हो या ज्यादा।
पहले भी दिखा चुके हैं सक्रियता
यह पहला मौका नहीं जब CM मोहन यादव ने बारिश को लेकर सीधे मोर्चा संभाला हो। बीते हफ्तों में वे सतना के चित्रकूट में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं और रीवा पहुंचकर राहत शिविरों व स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा भी कर चुके हैं। इससे साफ है कि सरकार इस बार बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर पहले से चौकस रहने की रणनीति पर काम कर रही है
