MP में फिर मेहरबान हुआ मानसून: अगले 3 दिन झमाझम बारिश, इन जिलों में संभलकर निकलें
Madhya Pradesh Heavy Rain Alert August 2026 : मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिख रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और आने वाले तीन दिन भी मौसम राहत देने वाला नहीं दिख रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अति भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
यानी जिन लोगों ने सोचा था कि अगस्त के आखिरी दिनों में बारिश थोड़ी थम जाएगी, उन्हें अभी कुछ दिन और छाता साथ रखना पड़ सकता है। खासकर बुंदेलखंड, पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश होने और बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
इन 4 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
26 अगस्त के मौसम पूर्वानुमान में पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी पर खास नजर रखने की जरूरत है। इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। छोटे नदी-नाले और बरसाती नाले भी तेजी से उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की ताजा जानकारी देखकर ही आगे की योजना बनानी चाहिए।
बुंदेलखंड के इन इलाकों में पहले भी तेज बारिश के दौरान सड़क संपर्क और स्थानीय आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनती रही है। इसलिए प्रशासन की ओर से जारी किसी भी स्थानीय चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मध्यप्रदेश के कई दूसरे जिलों में भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार रायसेन, सीहोर, राजगढ़, देवास, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, मंडला, सागर और छतरपुर में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
इन जिलों में लगातार बारिश होने पर शहरों के निचले हिस्सों में पानी भर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और पुल-पुलियों पर भी असर पड़ सकता है। भोपाल और आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने, रुक-रुककर बारिश होने और कुछ जगह गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मौसम अचानक बदल सकता है।
MP में बारिश की एक्टिविटी
मध्यप्रदेश में बारिश बढ़ने के पीछे एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में भी परिसंचरण बना हुआ है।
जब ऐसी कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय होती हैं, तो वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ जाती है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। यही वजह है कि मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।
अगले 24 घंटे बाद भी नहीं मिलेगी राहत
फिलहाल ऐसा संकेत नहीं है कि बारिश का दौर तुरंत कमजोर पड़ जाएगा। अगले 24 घंटे के बाद भी पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और आसपास के क्षेत्रों में बादल, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कुछ जगहों पर तेज बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
हालांकि मौसम हर जिले और इलाके में एक जैसा नहीं रहेगा। कहीं दिनभर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, तो कुछ स्थानों पर थोड़े समय में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी और जिला प्रशासन के अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
