मानसून अलर्ट: आज 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी, देखें कहीं आपका शहर तो नहीं शामिल?
Monsoon 2026 forecast : देश में मानसून अब पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। केरल में कुछ दिन की देरी से प्रवेश करने के बाद, अब मानसून ने जिस तेजी से रफ्तार पकड़ी है, उसने देश के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर देखा जा सकता है। यह बदलाव केवल गर्मी से राहत नहीं ला रहा है, बल्कि कई इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी को लेकर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतने को कहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वर्तमान में मानसून पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में काफी सक्रिय है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में मानसून का असर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में और अधिक प्रभावी हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में मौसम का हाल थोड़ा कठिन रह सकता है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों में 13 जून तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह, दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में, जहां लोग लंबे समय से भीषण लू और गर्मी का सामना कर रहे थे, अब मानसून की आहट से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में मानसून की बारिश ने गर्मी से तड़पते लोगों को काफी राहत दी है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 4 जून को पहुंचा, जो सामान्य तिथि से तीन दिन की देरी थी। लेकिन इसके बाद की गति बहुत संतोषजनक रही है। मानसून ने केवल चार दिनों के भीतर 12 से अधिक राज्यों को कवर कर लिया है। बीते शनिवार को इसने महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में दस्तक दी, जिसके बाद रविवार को पूर्वोत्तर के राज्यों में इसका व्यापक असर देखने को मिला। https://www.youtube.com/watch?v=otmcOpWOxJs&time_continue=0&source_ve_path=NzY3NTg&embeds_referring_euri=https%3A%2F%2Fmausam.imd.gov.in%2F कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह रफ्तार खरीफ की फसलों के लिए एक अच्छा संकेत है। जिन किसानों ने अभी तक बुवाई की तैयारी नहीं की थी, वे अब बारिश के आगमन के साथ खेती का काम शुरू कर सकते हैं। हालांकि, मौसम विभाग की सलाह है कि किसान अपनी फसलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर जारी किए जाने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। सुरक्षा के लिहाज से, तटीय और पहाड़ी इलाकों में रह रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने या कमजोर ढांचों के पास जाने से बचें। सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
