एमपी में मानसून की विदाई शुरू, पश्चिमी इलाकों में लौटी गर्मी, पूर्वी हिस्से में अब भी झमाझम
Mp Big News,MP Weather Today 8 September 2026: मध्यप्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिख रहा है, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश के मौसम में साफ क्षेत्रीय अंतर नजर आ रहा है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हैं, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में बादल बरसने का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।
यानी एक तरफ पश्चिमी MP में लोग गर्मी और उमस महसूस कर सकते हैं, तो दूसरी ओर रीवा और शहडोल संभाग में बारिश से मौसम सुहाना बना रह सकता है। अगले कुछ दिन इसी तरह बदले-बदले मौसम के साथ गुजरने वाले हैं।
पूर्वी MP में अगले पांच दिन बारिश का दौर
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान सभी जगह एक जैसी बारिश नहीं होगी। कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे स्थानों पर हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
रीवा और शहडोल संभाग में बारिश की संभावना खास तौर पर बनी हुई है। इससे इन क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों को आगे भी बदलते मौसम के लिए तैयार रहना होगा। सितंबर का यह समय मानसून के अंतिम चरण का माना जाता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बारिश अचानक पूरे प्रदेश से गायब हो जाएगी। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण अलग-अलग जिलों में बारिश के दौर बन सकते हैं।
पश्चिमी MP में बादल रहेंगे, बारिश कम होगी
पश्चिमी मध्यप्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। आसमान में बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बारिश की मात्रा कम रहने की संभावना है।
बारिश कम होने के कारण दिन में गर्मी और उमस का असर बढ़ सकता है। दक्षिणी मध्यप्रदेश में भी फिलहाल बहुत ज्यादा बारिश की उम्मीद नहीं है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों का मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। जहां पूर्वी जिलों में बारिश राहत दे सकती है, वहीं पश्चिमी क्षेत्र में गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
शिवपुरी में 107 मिलीमीटर बारिश
मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के बावजूद मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में शिवपुरी जिले में 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
यह आंकड़ा बताता है कि मानसून कमजोर होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। इसलिए किसी इलाके में कुछ दिनों तक बारिश कम रहने का मतलब यह नहीं कि वहां अचानक तेज बारिश नहीं हो सकती। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जलजमाव जैसी स्थानीय समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। लोगों को मौसम संबंधी स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
📄 Paper of the Month | August 2026
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 7, 2026
We're pleased to feature one of our recent publications in MAUSAM:
Characteristics of Visibility for Chennai International Airport
By: Arkadeb Banerjee, Vairamuthu R. Durai
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Visibility is a critical meteorological… pic.twitter.com/I2ewKUpGBd
MP में अब तक 31.13 इंच बारिश
मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 7 सितंबर 2026 तक मध्यप्रदेश में 31.13 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, पूरे प्रदेश का बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम है। क्षेत्रवार तस्वीर देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 1 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
यही क्षेत्रीय अंतर इस समय मध्यप्रदेश के मौसम को समझने में सबसे अहम है। पूर्वी MP में बारिश बेहतर रहने से वहां बारिश का दौर ज्यादा सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में कमी के कारण मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है।
अभी मानसून की विदाई नहीं
मध्यप्रदेश में मानसून अंतिम दौर में जरूर पहुंच रहा है, लेकिन अभी बारिश पूरी तरह खत्म होने की बात कहना सही नहीं होगा। फिलहाल मौसम का सबसे बड़ा संकेत यह है कि बारिश की गतिविधि पूरे प्रदेश में समान नहीं है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश कमजोर रह सकती है। ऐसे में 8 सितंबर के बाद भी प्रदेश में मौसम का मिजाज जिले-दर-जिले बदलता रहेगा।
