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मानसून की एंट्री, अब उत्तर भारत की बारी, यूपी, बिहार और दिल्ली को कब मिलेगी गर्मी से राहत,मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज


MP Monsoon News : मध्यप्रदेश में जून की शुरुआत मौसम के बड़े बदलाव के साथ हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 5 जून 2026 से प्रदेश के 45 से अधिक शहरों और जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई प्रमुख शहर इस मौसम प्रणाली के प्रभाव में रहेंगे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण और नमी वाली हवाओं के संयुक्त असर से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा। इसका असर एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत देगा, तो दूसरी ओर तेज हवाएं और बिजली गिरने जैसी घटनाएं सावधानी की मांग करेंगी। आमतौर पर जून का पहला सप्ताह मध्यप्रदेश में तेज गर्मी और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आगामी मानसून सीजन के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। हालांकि मानसून के आधिकारिक आगमन को लेकर अलग आकलन जारी हैं, लेकिन वर्तमान गतिविधियां प्री-मानसून मौसम की सक्रियता हैं। राजधानी भोपाल सहित मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इंदौर और उज्जैन में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर होने वाली बारिश से दिन के तापमान में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि उमस बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी, जिससे लोगों को मौसम में लगातार बदलाव महसूस हो सकता है। बारिश और बादलों के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है। गुरुवार को दर्ज अधिकतम तापमान के अनुसार नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा खजुराहो में 41.4 डिग्री, खरगोन में 41 डिग्री, दतिया में 40.8 डिग्री और ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदेश में एक ही समय पर अलग-अलग मौसमीय परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार 5 जून से 9 जून तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। नीमच, मंदसौर, आगर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जैसे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की बारिश दर्ज हो सकती है।

केरल में जोरदार शुरुआत, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मानसून के आगमन के साथ ही केरल के कई हिस्सों में लगातार वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर सहित कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तटीय इलाकों में समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। मछुआरों को भी समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बिहार में कब पहुंचेगा मानसून?

IMD के मौजूदा अनुमान बताते हैं कि बिहार में मानसून 12 से 15 जून के बीच दस्तक दे सकता है। हालांकि यदि मानसूनी हवाओं की गति तेज बनी रहती है तो कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी प्रारंभिक गतिविधियां इससे पहले भी दिखाई दे सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के प्रवेश के बाद पूरे राज्य में सक्रिय होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद उत्तर बिहार और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना बनेगी। इससे खेती की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में दो चरणों में पहुंचेगा मानसून

उत्तर प्रदेश का विशाल भौगोलिक क्षेत्र मानसून की प्रगति को चरणबद्ध बनाता है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंच सकता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 25 जून के बीच होने की संभावना है। https://www.youtube.com/watch?v=81yUtPZbCuw&source_ve_path=OTY3MTQ&embeds_referring_euri=https%3A%2F%2Fmausam.imd.gov.in%2F इस बीच प्रदेश के पश्चिमी जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ रही हैं। कई इलाकों में बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश दर्ज की गई है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आई है, लेकिन व्यापक राहत के लिए लोगों को अभी मानसून के सक्रिय होने का इंतजार करना होगा।

दिल्ली-NCR में मौसम बदलने

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है, लेकिन मौसम का रुख बदलता दिखाई दे रहा है। IMD ने अगले कुछ दिनों में गरज-चमक, धूलभरी आंधी, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने सामान्य जनजीवन और विमान सेवाओं दोनों को प्रभावित किया। खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण कई उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा और कुछ विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ेगा, दिल्ली में नमी बढ़ेगी और जून के दूसरे पखवाड़े में मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगेंगी।

उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और मध्य भारत में भी असर

मानसून की आधिकारिक एंट्री भले ही दक्षिण भारत से हुई हो, लेकिन देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की घटनाएं दर्ज की गईं। देहरादून और मसूरी समेत कई इलाकों में मौसम अचानक बदला। जम्मू-कश्मीर में भी कई स्थानों पर तेज हवाओं और बारिश की खबरें सामने आईं। मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, हरदा और श्योपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं छत्तीसगढ़ में भी वज्रपात और तेज वर्षा को लेकर चेतावनियां जारी की गई हैं।