मध्यप्रदेश में मानसून हुआ स्ट्रॉन्ग, 20 से 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Madhya Pradesh Weather Alert : मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसून की गतिविधियां फिर तेज हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और अब मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
20 अगस्त से 22 अगस्त के बीच खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर केवल एक-दो जिलों तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि धीरे-धीरे बारिश का दायरा मध्य और पश्चिमी हिस्सों की तरफ भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में कम समय के भीतर तेज बारिश होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में छोटे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।
दतिया से सतना तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
प्रदेश के दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यानी जिन इलाकों में अति भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, वहां भी मौसम को हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। बारिश की तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग हो सकती है। कहीं दिनभर रिमझिम बारिश देखने को मिल सकती है तो कहीं कुछ घंटों में तेज पानी गिर सकता है।
20 से 24 अगस्त तक बढ़ सकता है बारिश का दायरा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर भी बढ़ सकती हैं। इससे भोपाल, नर्मदापुरम और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि हर जिले में बारिश की मात्रा एक जैसी रहने की संभावना नहीं है।
विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में पहले से ही बारिश की गतिविधियां तेज रही हैं। 19 अगस्त को इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी। अब सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मध्यप्रदेश में अब तक कितनी बारिश हुई
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 583.4 मिलीमीटर यानी लगभग 23 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 663.7 मिलीमीटर यानी 26.1 इंच मानी जाती है। इस हिसाब से मध्यप्रदेश में औसत से लगभग 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि प्रदेश स्तर का औसत आंकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता। कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है, जबकि कुछ जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है। यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की स्थिति काफी अलग दिखाई दे रही है।
Subject: (i)Under the influence of Depression over north Jharkhand and adjoining southwest Bihar & southeast Uttar Pradesh; Isolated heavy to very heavy rainfall also likely over East Uttar Pradesh, Madhya Pradesh and heavy rainfall over Bihar and Jharkhand with Isolated… pic.twitter.com/0leyxvTK8y
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 19, 2026
39 जिलों में अभी भी बारिश की कमी
मध्यप्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक देखी गई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिले अभी सामान्य औसत तक नहीं पहुंच पाए हैं।
ऐसे में अगले कुछ दिनों की बारिश खेती और जलस्तर के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि बहुत कम समय में जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर किसानों को नुकसान भी हो सकता है।
इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।
यानी मध्यप्रदेश में मानसून की तस्वीर इस बार काफी असमान बनी हुई है। एक तरफ कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में जरूरत से ज्यादा पानी गिर चुका है।
आगे कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम
20 से 22 अगस्त के बीच मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है और 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में अति भारी बारिश की चेतावनी के कारण टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह जैसे जिलों में विशेष सावधानी की जरूरत है। वहीं दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
फिलहाल इतना साफ है कि मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो चुका है। जिन जिलों में बारिश की कमी बनी हुई थी, वहां अगले कुछ दिनों में राहत मिल सकती है। लेकिन तेज बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी के साथ मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
