Monsoon on MP : मध्य प्रदेश के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी
Monsoon on MP : मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम लगातार करवट ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं और बारिश के साथ आंधी का दौर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, इन बौछारों के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से खास राहत नहीं मिल पा रही है। रविवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, लेकिन तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के 20 और पश्चिमी मध्य प्रदेश के 4 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। रविवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिला। पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिन के समय सबसे अधिक वर्षा रायसेन जिले में दर्ज की गई, जहां 61.0 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्र के अन्य जिलों में दिन के दौरान उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में शाम के समय हवा में नमी का स्तर 75 प्रतिशत तक पहुंच गया। यही वजह रही कि हल्की बारिश और बादलों के बावजूद लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में लोगों का कहना था कि बारिश से राहत मिलने के बजाय चिपचिपाहट और बढ़ गई। पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहा। सतना में सबसे ज्यादा 18.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा खजुराहो में 9.0 मिलीमीटर, जबलपुर और नौगांव में 4.0-4.0 मिलीमीटर तथा सिवनी में 0.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। रविवार शाम को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिला। सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी और विदिशा में आंधी की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इसके साथ ही रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, उमरिया, अनुपपुर और खंडवा में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से कुछ देर की राहत जरूर दी, लेकिन उमस का स्तर बना रहा। रात के समय भी मौसम शांत नहीं हुआ। खरगोन, जबलपुर, बालाघाट, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, श्योपुर, शिवपुरी, सीहोर और छिंदवाड़ा में तेज हवाएं चलती रहीं। कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के बावजूद प्रदेश में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बालाघाट जिले का मलाजखंड सबसे गर्म क्षेत्र रहा। यहां दिन का तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.2 डिग्री अधिक है। छिंदवाड़ा में तापमान सामान्य से 7.1 डिग्री और मंडला में 5.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया। बुंदेलखंड और बघेलखंड क्षेत्रों में भी दिन के साथ-साथ रात का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। इससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। गर्मी और उमस का यह मिश्रण लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। बारिश होने के बाद जब नमी बढ़ती है, तो वातावरण और अधिक चिपचिपा महसूस होता है। यही स्थिति फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के 20 और पश्चिमी मध्य प्रदेश के 4 जिलों के लिए विशेष मौसम अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। यही वजह है कि एक ओर बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं, जबकि दूसरी ओर तापमान और उमस भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इस समय मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है। कहीं बादल और बारिश हैं तो कहीं तेज गर्मी और उमस। यही कारण है कि लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहने की जरूरत है। फिलहाल मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं तापमान में संभावित बढ़ोतरी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
