Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

नौतपा में बदला मिजाज: मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर, 8 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट


Monsoon Update Today in Hindi : मई के अंतिम दिनों में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप झेल रहे मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नौतपा के दौरान प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। शनिवार देर रात से शुरू हुआ बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला रविवार को भी जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के अन्य 47 जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। राज्य में फिलहाल लू का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को मई की तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

मौसम में आया अचानक बड़ा बदलाव

शनिवार देर रात करीब 20 से अधिक जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदला। राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में देर रात तक बूंदाबांदी हुई और तेज हवाएं चलीं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली गुल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी आने के कारण हुआ है। नौतपा के दौरान आमतौर पर अत्यधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन इस साल सक्रिय मौसम प्रणालियों ने गर्मी के समीकरणों को बदल दिया है।

8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और सावधानी

मौसम विभाग ने देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और ओले गिरने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को भी सावधान रहने के लिए कहा गया है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

लू से मिली बड़ी राहत

इस साल मई का महीना अन्य वर्षों की तुलना में अलग रहा है। आमतौर पर नौतपा के दौरान लोग भीषण लू और गर्मी का सामना करते हैं, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। प्रदेश के किसी भी जिले में लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून से पहले की ये गतिविधियां गर्मी के प्रकोप को कम करने में सहायक साबित हो रही हैं। मई के आखिरी दिनों में ऐसी स्थिति पहली बार देखी जा रही है जब प्रदेश का कोई भी हिस्सा लू की चपेट में नहीं है।