मध्यप्रदेश में फिर कमजोर पड़ेगा मानसून, अगले 4 दिन राहत या चिंता? जानिए मौसम विभाग का नया अपडेट
MP Weather August 2026 : मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून अब एक बार फिर धीमा पड़ता दिखाई दे रहा है। अगर आप लगातार हो रही बारिश से परेशान थे तो अगले चार दिन थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं जिन किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है, उनके लिए यह खबर थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं और कई इलाकों में तेज हवा चलने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव डीप डिप्रेशन के कमजोर होकर आगे बढ़ने की वजह से देखने को मिलेगा।
डीप डिप्रेशन कमजोर होने से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार वर्तमान में सक्रिय डीप डिप्रेशन अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण मध्यप्रदेश की ओर बढ़ते हुए कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है। यही कारण है कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जब कोई मजबूत मौसम प्रणाली कमजोर पड़ती है तो बारिश का दायरा भी सीमित हो जाता है। इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की संभावना कम बताई गई है।
चार दिन तक कैसी रहेगी बारिश की स्थिति?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले चार दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश के आसार नहीं हैं। कई जगह मौसम बादलों वाला रह सकता है लेकिन बारिश हर जगह नहीं होगी। कुछ जिलों में हल्की फुहारें या छिटपुट बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
Highlights: Outlook for the Rainfall during Second Half of the SW Monsoon Season (August – September) and Monthly Rainfall and Temperature during August, 2026 pic.twitter.com/lMevVk835m
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 31, 2026
इसके साथ ही कई क्षेत्रों में तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, किसानों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में अब तक औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश
इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में अब तक औसत से लगभग 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में लगभग 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। खरगोन जिले के गोगांवां में अब तक सबसे अधिक 190 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इससे साफ है कि प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कहीं सामान्य से अधिक पानी गिरा तो कई जिले अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
इन जिलों में अभी भी बना हुआ है फ्लैश फ्लड का खतरा
भले ही बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हों, लेकिन कुछ जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आगर-मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, रतलाम और शाजापुर जिलों में 1 अगस्त 2026 की सुबह 11:30 बजे तक अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बना रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले से अच्छी बारिश हो चुकी है, वहां छोटी नदियां और नाले अचानक उफान पर आ सकते हैं। इसलिए नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगस्त का महीना मध्यप्रदेश के लिए आमतौर पर अच्छी बारिश लेकर आता है। फिलहाल कुछ दिनों की कमजोरी के बाद नई मौसम प्रणाली बनने पर बारिश फिर से बढ़ सकती है। यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार पूर्वानुमान अपडेट कर रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल अपुष्ट दावों के बजाय केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें।
