मध्यप्रदेश से मानसून की वापसी: जानें आपके संभाग में कब साफ होगा आसमान
Madhya Pradesh monsoon withdrawal : मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश कमजोर पड़ गई है और मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगा है। हालांकि, जाते-जाते मानसून कुछ जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी और गरज-चमक दिखा सकता है।
मौसम की तस्वीर अब बदलती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों में जहां कई इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ था, वहीं अब प्रदेश के बड़े हिस्से में धूप निकलने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा राजस्थान और पंजाब से आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। इस बदलाव के साथ प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला तेज होने की उम्मीद है। इसकी शुरुआत उत्तर-पश्चिमी हिस्से से होगी और बाद में दूसरे संभागों से भी बारिश की गतिविधियां कम होती जाएंगी।
सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से होगी मानसून की विदाई
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्यप्रदेश में मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिमी हिस्से से शुरू होगी। सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से मानसून के लौटने के आसार हैं। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी। यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के पूरी तरह बदलने का समय एक जैसा नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अक्टूबर के बाद प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क होने की स्थिति बन सकती है।
जाते-जाते 19 जिलों में बूंदाबांदी का अलर्ट
मानसून की विदाई भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन अगले कुछ दिनों में कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। बुधवार को 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
इनमें बैतूल, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और पन्ना समेत अन्य जिले शामिल हैं। यह बारिश व्यापक नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, जबकि प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम साफ रहने की संभावना है।
रीवा और शहडोल संभाग में बढ़ा तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बारिश हुई। इसके विपरीत प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ कई इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है। खासकर रीवा और शहडोल संभाग में गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।
भोपाल-इंदौर समेत इन इलाकों में तेज धूप
मानसून की वापसी का असर प्रदेश के उन हिस्सों में भी दिख रहा है जहां अब बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, विदिशा, रायसेन और सीहोर समेत करीब 36 जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने की संभावना है। इससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बारिश और बादलों की जगह अब कई इलाकों में साफ आसमान और धूप का दौर नजर आएगा।
1 और 2 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?
अगले दो दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी सीमित रहने की संभावना है। 1 और 2 अक्टूबर को केवल इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश हो सकती है। यानी जिन लोगों को लगातार बारिश से राहत का इंतजार था, उनके लिए मौसम में बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। हालांकि, जिन जिलों में बूंदाबांदी का अलर्ट है, वहां स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है।
3 अक्टूबर के बाद पूरे एमपी में साफ मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 अक्टूबर के बाद मध्यप्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क होने की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब यह है कि प्रदेश में मानसून की विदाई का अंतिम चरण करीब आ रहा है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा। उत्तर-पश्चिमी हिस्से से शुरू हुई मानसून की वापसी के बाद धीरे-धीरे प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी बारिश की गतिविधियां समाप्त होंगी।
