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MP Cabinet Decisions: 2300 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, स्कूटी योजना 2031 तक जारी, डिजिटल और हरित विकास पर सरकार का बड़ा फोकस


MP Cabinet Decisions : मध्य प्रदेश सरकार ने विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों पर एक साथ मुहर लगाकर आने वाले वर्षों की प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करीब 2300 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण, सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विज्ञान-तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में दिखाई देगा। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाना, छात्रों को प्रोत्साहन देना, शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाना और विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। हाल के समय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण संरक्षण पर बढ़ता सरकारी फोकस भी इन फैसलों में साफ नजर आता है।

स्कूटी योजना को 2031 तक मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित फैसला मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को आगे जारी रखने का रहा। सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस योजना के संचालन के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना के तहत सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपनी कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी दी जाती है। सरकार का मानना है कि इससे मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और उच्च शिक्षा के लिए उनकी आवाजाही भी आसान होगी। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2074824723650019738 बीते कुछ वर्षों में यह योजना प्रदेश के छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को इससे पढ़ाई जारी रखने में सुविधा मिली है।

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करेगा स्टेट डाटा सेंटर 3.0

कैबिनेट ने प्रदेश की डिजिटल सेवाओं को और सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के लिए स्टेट डाटा सेंटर 3.0 परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के तहत मौजूदा डाटा सेंटर का आधुनिकीकरण किया जाएगा। साथ ही आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और डिजास्टर रिकवरी सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी ऑनलाइन सेवाएं बिना रुकावट संचालित हों और नागरिकों का डिजिटल डाटा अधिक सुरक्षित रहे। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2074755144177381764 विशेषज्ञों के अनुसार देशभर में ई-गवर्नेंस सेवाओं के विस्तार के साथ मजबूत डाटा सेंटर की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह निवेश भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नमो हरित-नगर योजना से शहरों में बढ़ेगा हरित क्षेत्र

तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 'नमो हरित-नगर योजना' के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे। इन हरित क्षेत्रों का उद्देश्य शहरों में पेड़ों की संख्या बढ़ाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है। हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में अर्बन फॉरेस्ट मॉडल को बढ़ावा मिला है। मध्य प्रदेश की यह पहल भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए अतिरिक्त राशि

कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। सरकार का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देना जरूरी है। अतिरिक्त बजट मिलने से पुनर्वास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता केवल निर्माण कार्य से नहीं बल्कि प्रभावित लोगों के संतोषजनक पुनर्वास से भी तय होती है।

विज्ञान और तकनीक पर भी सरकार का ध्यान

कैबिनेट बैठक में विज्ञान एवं तकनीक से जुड़ी कई योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के उपयोग के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों तक सेवाओं की तेज पहुंच सुनिश्चित करना है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य सरकारी सेवाओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

कैबिनेट के फैसलों को देखें तो सरकार ने शिक्षा, पर्यावरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक पुनर्वास जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई है। एक ओर मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देने के लिए स्कूटी योजना जारी रखी गई है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा निवेश किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया है।