MP cabinet meeting 2026 : मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की। बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, बुनियादी ढांचे के विकास, जल संरक्षण और किसानों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक के बाद मीडिया को इन निर्णयों की जानकारी दी। सरकार का फोकस आने वाले धार्मिक आयोजन, ग्रामीण विकास और जल प्रबंधन को मजबूत करने पर रहा, ताकि राज्य में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके और बड़े आयोजनों के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर सड़क परियोजना
कैबिनेट में सबसे अहम फैसला बदनावर से टिमरनी तक फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर लिया गया। इस परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी लागत लगभग 3839 करोड़ रुपये तय की गई है। यह सड़क दिल्ली-मुंबई आठ लेन कॉरिडोर से जुड़ेगी, जिससे राजस्थान और गुजरात से मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को 2027 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/2033963012038758440 इस सड़क के बनने से उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ट्रैफिक और यात्रा समय में राहत मिलने की उम्मीद है।
जल महोत्सव और ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’
कैबिनेट बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी विस्तृत योजना पेश की गई। राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर जल महोत्सव आयोजित करेगी, जो 22 मार्च तक विभिन्न गांवों में मनाया जाएगा। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/2034096515346796984 इस कार्यक्रम के तहत हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने के लक्ष्य की समीक्षा होगी और बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रीष्म ऋतु में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत की जाएगी, जिसकी शुरुआत गुड़ी पड़वा से होगी। इस अभियान में जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर जल संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।
किसानों को राहत: गेहूं पर बोनस मंजूर
सरकार ने किसानों के हित में गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू की जाएगी। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/2034101416936219040 राज्य सरकार ने इस योजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
उज्जैन में ट्रैफिक और सुरक्षा सुधार
उज्जैन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिमनगंज से इंदौर रोड तक लगभग साढ़े पांच किलोमीटर लंबी सड़क के विकास को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य महाकाल दर्शन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
रीवा में सिंचाई परियोजना को हरी झंडी
कैबिनेट ने रीवा जिले में माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत 7530 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे क्षेत्र की लगभग 92 प्रतिशत भूमि सिंचित हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में सुधार आएगा।