MP-Chhattisgarh Monsoon 2026 : मध्य प्रदेश
और छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ चुकी हैं। कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। गर्मी से परेशान लोगों को राहत तो मिल रही है, लेकिन इस बार मानसून की आधिकारिक दस्तक सामान्य से कुछ दिन देर से होने वाली है। भारतीय मौसम विभाग
(IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में मानसून 3 से 4 दिन की देरी से पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक की नजरें अब मानसून की नई संभावित तारीखों पर टिकी हुई हैं।
मध्य प्रदेश में 18 जून तक पहुंच सकता है मानसून
आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है। पिछले वर्ष भी मानसून एक दिन की देरी से 16 जून को राज्य में पहुंचा था। उस दौरान इसकी एंट्री बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर जिलों के रास्ते हुई थी। इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। यानी सामान्य समय की तुलना में लगभग तीन दिन की देरी देखने को मिल सकती है। हालांकि मानसून के इंतजार के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश का सिलसिला जारी है। हाल ही में भोपाल सहित कई जिलों में करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी दर्ज की गई। मौसम केंद्र भोपाल का कहना है कि मानसून आने तक पूरे प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी।
इन जिलों में बारिश और तेज आंधी की संभावना
मौसम विभाग ने शिवपुरी और अशोकनगर के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, डिंडौरी, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में भी 3-4 दिन की देरी
छत्तीसगढ़ में सामान्य तौर पर मानसून 13 जून के आसपास पहुंच जाता है। इस बार मौसम विभाग ने पहले 12 जून तक मानसून पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन तय समय पर इसकी एंट्री नहीं हो सकी। अब विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण बस्तर क्षेत्र में मानसून पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि राज्य में भी मानसून लगभग 3 से 4 दिन की देरी से दस्तक देगा। पिछले साल की बात करें तो मानसून ने 28 मई को ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर लिया था। हालांकि शुरुआती प्रवेश के बाद यह करीब पांच दिनों तक सुकमा क्षेत्र में ही सक्रिय रहा और फिर आगे बढ़ा था।
प्री-मानसून गतिविधियां तेज
मानसून के आने से पहले ही छत्तीसगढ़ में मौसम तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की संभावना बनी रहेगी। साथ ही कई क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
क्या है मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के ताजा अनुमान बताते हैं कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार सामान्य से थोड़ी धीमी है। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियां दोनों राज्यों में सक्रिय हैं और मौसम लगातार बदल रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों के भीतर मानसून की औपचारिक एंट्री होने की संभावना बनी हुई है।