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MP crime news : 62 साल की पत्नी ने पति पर कुल्हाड़ी से किया वार, फिर रची हादसे की झूठी कहानी

MP Crime News

MP crime news : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। खेतिया थाना क्षेत्र के बंद्रिया बड़ गांव में एक 62 वर्षीय महिला पर अपने ही 65 वर्षीय पति की हत्या करने का आरोप लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद महिला ने इसे साधारण हादसा बताकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग दंपती के बीच सालों से एक ही बात को लेकर कलह चल रही थी। यही पुराना विवाद आखिरकार इतना बड़ा रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।

कौन हैं आरोपी और मृतक

पुलिस ने बुधवार शाम आरोपी महिला द्वारकी बाई को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान उसके पति उधम सिंह के रूप में हुई है। दोनों की शादी को दशकों बीत चुके थे और उनके चार बेटे और एक बेटी है। घटना के वक्त परिवार का कोई सदस्य गांव में मौजूद नहीं था, क्योंकि चारों बेटे रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। इनमें से एक बेटा दिव्यांग बताया जा रहा है।

विवाद की जड़ में क्या था

बड़वानी एसपी पदमविलोचन शुक्ला के अनुसार 30 अगस्त की देर रात पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। द्वारकी बाई ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि इस उम्र में भी उसके पति उसके चरित्र पर शक करते थे और लगातार ताने देते रहते थे। इस बर्ताव से वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि विवाद के बाद रात में जब उधम सिंह सो रहे थे, तभी द्वारकी बाई ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में उधम सिंह की मौत हो गई।

हादसे की झूठी कहानी और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार

राजपुर एसडीओपी बीएल अटोदे ने बताया कि हत्या के बाद द्वारकी बाई ने पूरी सच्चाई छिपाने की कोशिश की। उधम सिंह के शव को एक टीन की चादर पर रखा गया, जिस पर खून के निशान लग गए। महिला ने परिजनों और गांव वालों को यह कहानी सुनाई कि उसके पति अचानक गिर गए और टीन शेड के धारदार हिस्से से लगी चोट के कारण उनकी जान चली गई।

इसी कहानी के आधार पर परिवार ने अगले दिन सुबह ही अंतिम संस्कार कर दिया। खेतिया थाना प्रभारी सुखलाल भंवर के मुताबिक अंतिम संस्कार में इतनी जल्दबाजी की गई कि दो बेटे गांव पहुंच भी नहीं पाए थे और सुबह करीब 9 बजे शव का दाह संस्कार कर दिया गया।

बेटे के शक ने खोला हत्या का राज

अंतिम संस्कार के बाद मृतक के एक बेटे के मन में शक पैदा हुआ। उसने एक ग्रामीण के सामने यह आशंका जताई कि उसके पिता की मौत हादसे में नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई है। इसके बाद टीन की चादर पर मिले खून के निशानों ने इस शक को और पुख्ता कर दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस जांच में जुटी और अंततः द्वारकी बाई की गिरफ्तारी हुई।