MP Excise Transfer List 2026 : मध्यप्रदेश के
आबकारी विभाग में 16 जून 2026 की देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत करीब 87 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें आबकारी उप निरीक्षक से लेकर सहायक आबकारी आयुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने अधिकांश अधिकारियों को प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर अन्य जिलों और कार्यालयों में पदस्थ किया है। इसके साथ ही छह आबकारी उप निरीक्षकों को उच्च पद का प्रभार भी सौंपा गया है।
कई जिलों में बदले गए अधिकारी
जारी आदेश के अनुसार विभाग के वरिष्ठ और मध्य स्तर के अधिकारियों में व्यापक बदलाव किया गया है। यह कदम विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने और रिक्त पदों पर जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है। तबादला सूची में सहायक आबकारी आयुक्त, कार्यवाहक प्रभारी आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, कार्यवाहक सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा कार्यवाहक प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी शामिल हैं।
52 अधिकारियों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण
आदेश के मुताबिक कुल 52 अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर एक स्थान से दूसरे स्थान भेजा गया है। इनमें 7 सहायक आबकारी आयुक्त (AEC), 3 कार्यवाहक प्रभारी आबकारी उपायुक्त (ADCE), 5 जिला आबकारी अधिकारी (DEO), 17 कार्यवाहक सहायक जिला आबकारी अधिकारी (AADEO), 10 सहायक जिला आबकारी अधिकारी (ADEO) तथा 3 कार्यवाहक प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी (ODEO) शामिल हैं। प्रशासनिक तबादलों को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है, लेकिन एक साथ इतने अधिकारियों के स्थानांतरण ने विभागीय हलकों में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
35 आबकारी उप निरीक्षकों का भी हुआ फेरबदल
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आबकारी उप निरीक्षकों के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। विभाग ने कुल 35 आबकारी उप निरीक्षकों का स्थानांतरण किया है। इनमें से छह उप निरीक्षकों को उच्च पद का प्रभार देकर उन स्थानों पर भेजा गया है, जहां संबंधित पद रिक्त थे। अब ये अधिकारी कार्यवाहक सहायक आबकारी अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
उच्च प्रभार मिला, लेकिन वेतन और वरिष्ठता में बदलाव नहीं
उच्च पद का प्रभार मिलने को आमतौर पर जिम्मेदारी बढ़ने के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस आदेश में एक महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट की गई है। जिन छह उप निरीक्षकों को उच्च पद का प्रभार दिया गया है, उन्हें वेतन उनके मूल पद के अनुसार ही मिलेगा। यानी नई जिम्मेदारी तो होगी, लेकिन वेतनमान पुराने पद का ही रहेगा। इसके अलावा कार्यवाहक रूप से उच्च पद पर काम करने की अवधि को वरिष्ठता लाभ के रूप में भी नहीं जोड़ा जाएगा। सरल शब्दों में कहें तो अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी, लेकिन पदोन्नति से मिलने वाले वित्तीय और वरिष्ठता संबंधी लाभ फिलहाल नहीं मिलेंगे।