Mp Guest Teacher News today :
मध्य प्रदेश में नए शिक्षा सत्र से पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने विषयवार और जिलेवार रिक्त पदों की सूची जारी कर दी है। ग्रीष्मावकाश खत्म होने के बाद 16 जून से स्कूल खुलेंगे और इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर ज्वाइनिंग दी जाएगी। सबसे अधिक रिक्तियां अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय में सामने आई हैं। विभाग का लक्ष्य है कि 1 जुलाई से पहले स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारु हो जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अंग्रेजी और गणित में सबसे ज्यादा संकट
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक शिक्षक वर्ग में अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय में शिक्षकों की कमी सबसे अधिक है। पिछले कुछ वर्षों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में इन विषयों के नियमित शिक्षकों की कमी लगातार सामने आ रही है। इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं और बुनियादी सीखने के स्तर पर पड़ा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता कम होने से छात्रों की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित होती है। इसी वजह से विभाग इस बार नए सत्र की शुरुआत से पहले ही अतिथि शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करना चाहता है।
16 जून से स्कूल खुलेंगे, 1 जुलाई से होगी पदस्थापना
ग्रीष्मावकाश के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूल 16 जून से फिर शुरू होंगे। विभागीय तैयारी के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 जुलाई से अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन प्रक्रिया जिलेवार और विषयवार रिक्तियों के आधार पर संचालित की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को आवश्यकता के अनुसार संबंधित स्कूलों में भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है ताकि नियुक्ति में देरी और विवाद की स्थिति कम हो सके।
70 हजार तक पहुंच सकती है अतिथि शिक्षकों की संख्या
मध्य प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। इस बार करीब 70 हजार पदों पर अतिथि शिक्षकों को अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। इन शिक्षकों की पिछली सेवाएं 30 अप्रैल को समाप्त हो चुकी थीं। अब नए शिक्षा सत्र के लिए फिर से उनकी पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू हो रही है। विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्कोर कार्ड जनरेट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसी स्कोर के आधार पर मेरिट तैयार होगी और पद आवंटित किए जाएंगे।
ग्रामीण स्कूलों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
जानकारों के मुताबिक सबसे ज्यादा रिक्तियां ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के स्कूलों में हैं। इन क्षेत्रों में नियमित शिक्षकों की पोस्टिंग और लंबे समय तक टिकाव दोनों बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में अतिथि शिक्षक व्यवस्था को फिलहाल एक व्यावहारिक समाधान माना जा रहा है। हालांकि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लंबे समय के समाधान के लिए स्थायी भर्ती प्रक्रिया को तेज करना जरूरी है।
नई शिक्षा नीति और सीखने के स्तर पर असर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बाद राज्यों पर बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दबाव बढ़ा है। मध्य प्रदेश सरकार भी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सत्र की शुरुआत से ही स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध रहते हैं तो छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और सीखने की क्षमता में सुधार देखने को मिलता है। यही कारण है कि इस बार विभाग समय से पहले नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने पर फोकस कर रहा है।
ऑनलाइन पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता
अतिथि
शिक्षक प्रबंधन प्रणाली के जरिए अभ्यर्थियों के स्कोर कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन, मेरिट और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन हो सकेगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी और अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।