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MP Lokayukta Action Today : पसंदीदा पोस्टिंग के बदले 4 लाख की रिश्वत सहायक प्रोफेसर लोकायुक्त के जाल में फंसा


MP Lokayukta Action Today : मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। ताजा मामला खरगोन जिले से सामने आया है, जहां इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को एक सहायक प्राध्यापक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने PSC से चयनित महिला सहायक प्राध्यापक की पसंदीदा जगह पर पोस्टिंग कराने के बदले कुल 4 लाख रुपये की मांग की थी। कार्रवाई धामनोद बायपास स्थित एक ढाबे पर की गई। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे सामने आया रिश्वत का मामला

लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक इंदौर जिले के मानपुर निवासी मनोज वास्केल ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी उर्मिला वास्केल का चयन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (PSC) के माध्यम से सहायक प्राध्यापक पद पर हुआ था। शुरुआत में उनकी नियुक्ति मंदसौर जिले के दलौदा कॉलेज में हुई थी। आरोप है कि शासकीय महाविद्यालय मंडलेश्वर में पदस्थ सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी ने धार कॉलेज में पोस्टिंग करवाने का भरोसा दिलाया और इसके बदले 4 लाख रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि आरोपी को पहले ही 1 लाख रुपये दिए जा चुके थे। इसके बाद भी लगातार पैसों की मांग की जा रही थी।

ढाबे पर बिछाया गया जाल, दूसरी किस्त लेते ही गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप प्लान तैयार किया। बुधवार को शिकायतकर्ता मनोज वास्केल को रिश्वत की दूसरी किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेकर आरोपी के पास भेजा गया। आरोपी आत्माराम सोलंकी ने पैसे लेने के लिए धामनोद बायपास स्थित मधुबन ढाबे पर बुलाया था। लोकायुक्त टीम पहले से मौके पर मौजूद थी। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए खलघाट रेस्ट हाउस ले जाया गया।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस धारा के तहत किसी लोकसेवक द्वारा अवैध रूप से रिश्वत मांगना या लेना दंडनीय अपराध माना जाता है। कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में की गई। टीम में विवेक मिश्रा, विजय कुमार, मलेश परिहार, रामेश्वर निगवाल, आशीष नायडू और प्रभात मोरे सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।