MP Lokayukta raid : जबलपुर का बाबू निकला करोड़पति, पत्नी के पास मिला सोने-चांदी का खजाना
MP Lokayukta raid : मध्य प्रदेश में एक सरकारी बाबू की कमाई और उसकी संपत्ति के बीच का फासला इतना बड़ा निकला कि जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। जबलपुर और सिवनी में लोकायुक्त पुलिस ने क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र में तैनात सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुभाष शर्मा के पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस छापेमारी में जो कुछ मिला, वह किसी आम सरकारी नौकरी की तनख्वाह से मेल नहीं खाता।
पत्नी के नाम पर संपत्तियों का जखीरा
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह निकली कि आरोपी बाबू ने अपनी ज्यादातर संपत्तियां पत्नी शीला शर्मा के नाम पर खरीद रखी थीं। छापे के दौरान पत्नी के पास से आधा किलो सोना और सवा किलो चांदी के जेवरात बरामद हुए। इसके अलावा परिवार के नाम पर करीब एक दर्जन बैंक खातों का भी पता चला है, जिनकी पड़ताल लोकायुक्त टीम कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका आमतौर पर भ्रष्टाचार के मामलों में देखा जाता है, जहां आरोपी अपनी काली कमाई को परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति में बदल देते हैं ताकि सीधी जांच से बचा जा सके। इस मामले में भी यही पैटर्न सामने आया है।
जबलपुर से सिवनी तक फैला संपत्तियों का साम्राज्य
लोकायुक्त की टीम ने जब सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित त्रिमूर्ति नगर वाले घर, पाटन के फार्महाउस और सिवनी के ठिकानों पर छापा मारा, तो शुरुआती आकलन में ही आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 543 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति का हिसाब सामने आ गया। अब तक की जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक की नामी-बेनामी संपत्ति उजागर हो चुकी है।
घर की बनावट भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पहली मंजिल तक जाने के लिए वहां लिफ्ट लगवाई गई थी, ताकि ऊपर आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा सात प्लॉट के दस्तावेज मिले, जिनमें तीन पाटन में और चार जबलपुर में स्थित हैं। परिसर से एक फॉर्च्यूनर, एक सफारी कार, दो एक्टिवा स्कूटर और एक रॉयल एनफील्ड बाइक भी बरामद हुई।
जांच में यह भी पता चला कि पाटन के लौहारी इलाके में स्थित फार्महाउस पर एक बारात घर बनाने की योजना थी, जिसका निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपी बाबू अपनी अवैध कमाई को किस स्तर पर निवेश कर रहा था।
जमीन, फार्महाउस और मकान सब पत्नी के नाम
दस्तावेजों के मुताबिक आरोपी के पास से पांच करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और प्लॉट के कागजात बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक करोड़ बीस लाख रुपये कीमत का फार्महाउस और दो आलीशान मकानों के दस्तावेज भी जब्त किए गए। ये सभी संपत्तियां मुख्य रूप से पत्नी के नाम पर दर्ज मिलीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज आधा दर्जन बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया है। संबंधित बैंकों को लिखित निर्देश जारी कर इन खातों में किसी भी तरह के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही बैंक प्रबंधन से खातों में जमा राशि का पूरा ब्यौरा भी मांगा गया है।
बेटी के नाम भी बैंक खाता, लॉकर की तलाशी बाकी
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी की बेटी के नाम पर भी एक बैंक खाता मौजूद है, जिसकी पड़ताल अभी जारी है। लोकायुक्त टीम अब परिवार के बैंक लॉकरों की तलाशी लेने की तैयारी में है। अधिकारियों को आशंका है कि इन लॉकरों से और भी बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी बरामद हो सकती है।
सिवनी कार्यालय के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त टीम ने सिवनी स्थित कार्यालय पहुंचकर विभागीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी पड़ताल की। वहां कर्मचारी के साथ काम करने वाले लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस जांच का उद्देश्य सिर्फ व्यक्तिगत संपत्ति का हिसाब लगाना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि आरोपी कर्मचारी की नौकरी, पद और जिम्मेदारियों का संपत्ति से कोई संदिग्ध वित्तीय संबंध तो नहीं था।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति या दूसरे कर्मचारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके बारे में तथ्य और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति ने बताया कि संपत्तियों के सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी नामी-बेनामी संपत्तियां सामने आने की संभावना है। मध्य प्रदेश में सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार को लेकर यह मामला एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ सकता है, खासकर तब जब आम जनता निचले स्तर के कर्मचारियों की इस तरह की अकूत संपत्ति देखकर सवाल उठाने लगी है।
