MP Lokayukta trap action : मध्य प्रदेश के
इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल के प्राचार्य और नोडल अधिकारी राजकुमार चलानी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को संयोगितागंज स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बालक क्रमांक-1 में की गई। आरोपी पर आरोप है कि वह एक निजी स्कूल के खिलाफ दर्ज शिकायत को समाप्त करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने जांच की, रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
लोकायुक्त के अनुसार, फरियादी रवि जायसवाल, जो इदरिस नगर निवासी हैं और द इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल का संचालन करते हैं, ने संगठन को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके स्कूल के खिलाफ अभिभावकों द्वारा की गई शिकायत के निपटारे और मामले को खत्म करने के बदले प्राचार्य राजकुमार चलानी 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। https://twitter.com/mpbignews/status/2060562067103572222 शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष ट्रैप योजना तैयार की गई।
कार्यालय में ही पकड़ा गया आरोपी
लोकायुक्त टीम ने फरियादी को आरोपी के संपर्क में रहने के निर्देश दिए। तय योजना के अनुसार फरियादी आरोपी के कार्यालय पहुंचे। जैसे ही राजकुमार चलानी ने 10 हजार रुपए की रिश्वत स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस धारा के अंतर्गत किसी लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ प्राप्त करने या रिश्वत लेने के मामलों में कार्रवाई की जाती है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और लोकायुक्त यह भी पता लगा रही है कि क्या इस प्रकरण में अन्य कोई व्यक्ति भी शामिल था।