MP Mousam News : मध्यप्रदेश मे अब बारिश और तेज हवाओं के साथ बदलेगा मौसम का मिजाज
MP Mousam News : मध्यप्रदेश के मौसम में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में गर्मी के तेवर नरम पड़े हैं। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर और नर्मदापुरम तक, बीते कुछ दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को काबू में रखा है। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो यह राहत अभी अगले तीन दिनों तक जारी रहने वाली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत महसूस हो रही है। प्रदेश में फिलहाल एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बना चक्रवाती परिसंचरण वातावरण में नमी लेकर आ रहा है। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश की जलवायु पर पड़ रहा है। इन मौसमी हलचलों के कारण ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। यही नमी अब हल्की बारिश और गरज-चमक के रूप में अपना असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के प्रमुख संभागों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, शहडोल और जबलपुर शामिल हैं। इन इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान बारिश के साथ-साथ तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया गया है। जहां एक ओर खंडवा 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर इंदौर ने अपनी ठंडी फिजाओं से राहत दी है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इसे प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बनाता है। पचमढ़ी और शिवपुरी में भी पारे ने आम लोगों को राहत का अहसास कराया है। आने वाले तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ी उछाल आने की संभावना नहीं है। चूंकि वातावरण में नमी बनी हुई है और बादल छाए रहने का अनुमान है, इसलिए तेज गर्मी का सामना अभी नहीं करना पड़ेगा। यह स्थिति उन लोगों के लिए सुखद है जो भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान थे। खेती-किसानी और आम जनजीवन के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से जारी नियमित बुलेटिनों पर नजर रखना जरूरी है ताकि किसी भी अचानक होने वाले मौसम परिवर्तन के लिए पहले से सतर्क रहा जा सके।
