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Mp Monsoon2026 : अगले 48 घंटे इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें मानसून कब आएगा


Mp Monsoon2026 : मध्य प्रदेश में इस वक्त मौसम का मिजाज कुछ अजीब सा बना हुआ है। राज्य के एक बड़े हिस्से में जहां लोग चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद भी जगाई है। 10 जून 2026 की स्थिति के अनुसार, अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मानसून के दस्तक देने की तारीख 15 जून के आसपास बताई गई है, लेकिन तब तक लोगों को गर्मी के इस कठिन दौर से गुजरना होगा।

गर्मी और बारिश का अजीब समीकरण

मौजूदा समय में मध्य प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय एक वेदर सिस्टम के कारण हवाओं का रुख बदला है। यही कारण है कि जहां एक तरफ मंडला जैसे जिलों में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं पचमढ़ी का मौसम सुहावना बना हुआ है। राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मानसून के सबसे पहले प्रवेश करने के संकेत मिल रहे हैं, जो किसानों और आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है।

अगले 48 घंटों के लिए विशेष अलर्ट

मौसम विभाग ने नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में चेतावनी जारी की है। Mp Monsoon2026 : अगले 48 घंटे इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें मानसून कब आएगा इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

तापमान का हाल और मानसून की स्थिति

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के विभिन्न संभागों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला है। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में कहीं धूप तो कहीं बादलों की आवाजाही रही। मंडला का तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पचमढ़ी में पारा 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। मानसून की प्रगति के बारे में बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब संतोषजनक है। परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गति और बढ़ेगी।

उमस और सावधानी

मानसून के आने से पहले की यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। हवा में नमी बढ़ने के कारण चिपचिपी गर्मी का अहसास होता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान पर्याप्त पानी पिएं और बाहर निकलते समय धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। आंधी-बारिश की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम की स्थिति यही बनी रहेगी।