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क्या 15 जून तक मध्य प्रदेश में दस्तक देगा मानसून? जानें मौसम विभाग का नया अपडेट


MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों सीधा चलने के मूड में नहीं है। एक तरफ गर्मी का कहर, दूसरी तरफ अचानक आंधी-बारिश और बीच में मौसम विभाग का अलर्ट। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

भोपाल में बादल और शाम को बौछारें

राजधानी भोपाल में सुबह से बादल छाए रहने की संभावना है। शाम के वक्त गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। हवा की रफ्तार 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के करीब रहेगा। शुक्रवार, 12 जून की शाम को भोपाल में अचानक आंधी आई और तेज हवाओं ने कई इलाकों की बिजली गुल कर दी गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत तो मिली, लेकिन अंधेरे में।

एक परिवार के चार लोग हादसे का शिकार

मौसम की यह करवट सिर्फ राहत लेकर नहीं आई। श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं से दीवार ढह गई और एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। थाना प्रभारी धर्मेंद्र मालवीय के अनुसार, भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा (38) और बेटे राहुल की पत्नी राजवती (21) की मौत हो गई। क्या 15 जून तक मध्य प्रदेश में दस्तक देगा मानसून? जानें मौसम विभाग का नया अपडेट घायल रिंकू आदिवासी को राजस्थान रेफर किया गया। इसके अलावा श्योपुर में ही आंधी के दौरान एक ऑटो पलट गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई। श्योपुर में करीब एक इंच, सागर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी समेत कई जिलों में यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

किन जिलों में है सबसे ज्यादा खतरा?

IMD ने दतिया, भिंड, मुरैना, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की आशंका है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुरकलां, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, पन्ना, दमोह, मैहर और पांढुर्णा समेत दर्जनों जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बौछारें पड़ने की संभावना है। जिन जिलों में इस सूची में नाम नहीं है, वहां मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।

मानसून अभी दूर, इंतजार और लंबा हो सकता है

अच्छी खबर यह है कि प्रदेश में बारिश हो रही है। लेकिन बुरी खबर यह है कि यह मानसूनी बारिश नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 12 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंचा है। अगले 2 से 3 दिनों में यह कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। तुलना करें तो साल 2025 में मानसून 14 जून को मध्य प्रदेश में दस्तक दे चुका था और 19 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीग चुके थे। इस बार 15 जून तक मानसून के पहुंचने की संभावना कम है। फिलहाल मध्य पाकिस्तान के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है और मानसून ट्रफ उत्तर मध्य प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन्हीं सिस्टम्स की चाल तय करेगी कि मानसून कब आएगा।