MP News : जन्माष्टमी पर जेल में गूंजे कृष्ण भजन, CM मोहन यादव ने बंदियों के लिए किया बड़ा ऐलान
भोपाल सेंट्रल जेल में जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान सीएम मोहन यादव ने पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की छूट देने का बड़ा ऐलान किया, साथ ही जेल सुधार से जुड़ी कई नई योजनाओं की जानकारी दी.
MP News : भोपाल की सेंट्रल जेल में इस बार जन्माष्टमी कुछ अलग ही रंग लेकर आई. ऊंची दीवारों और भारी लोहे के फाटकों के पीछे रहने वाले कैदियों के लिए यह दिन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि राहत की खबर भी लेकर आया. मौका था भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का, और इस उत्सव में शामिल होने खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल सेंट्रल जेल पहुंचे. जेल परिसर में "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के भजन गूंजे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया.
सीएम ने की पूजा-अर्चना, फिर सुनाई बड़ी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा की और आरती उतारी. इसके बाद उन्होंने वह ऐलान किया, जिसका इंतजार जेल में बंद कई कैदियों को शायद महीनों से था. सीएम ने घोषणा की कि जेल में बंद सभी पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की विशेष छूट दी जाएगी. यानी जो कैदी तय मानकों पर खरे उतरते हैं, उनकी रिहाई की तारीख अब एक महीना पहले आ सकती है.
सोशल मीडिया पर भी सीएम ने साझा की जानकारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया पर भी दी. उन्होंने लिखा कि केंद्रीय जेल, भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में जेल विभाग के 6 अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. इसी कार्यक्रम में बंदियों को पात्रतानुसार एक माह की सजा छूट देने की बात भी सामने आई.
जेल विभाग के 6 अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान जेल विभाग के छह अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इन अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न साहसिक कार्यों के लिए पुरस्कार दिए गए। इससे जेल प्रशासन में जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने का संदेश भी गया।
जेल विभाग में बढ़ेंगे पद, प्रमोशन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने जेल विभाग के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए नए पदों के निर्माण और पदोन्नति की बात भी कही। सरकार का जोर जेल विभाग में मानव संसाधन को मजबूत करने पर है, ताकि जेलों में सुरक्षा, प्रशासन और बंदियों से जुड़ी व्यवस्थाओं का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सके।
आज केंद्रीय जेल, भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में जेल विभाग के 6 अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न साहसिक कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। इस अवसर पर बंदियों को पात्रतानुसार सजा में एक माह की छूट देने की घोषणा भी की।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 4, 2026
नए पदों के निर्माण और पदोन्नतियों से जेल विभाग के कार्य… pic.twitter.com/sJJtSrNtm1
मध्य प्रदेश में बढ़ाई जाएंगी खुली जेलें
जन्माष्टमी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाने की घोषणा भी की। खुली जेल की अवधारणा सामान्य जेल से अलग होती है। इसमें पात्र बंदियों को अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्र वातावरण में रहने और काम करने का अवसर दिया जाता है। इसका उद्देश्य जेल से बाहर सामान्य जीवन में लौटने के लिए बंदियों को तैयार करना भी होता है। हालांकि खुली जेल का लाभ हर बंदी को नहीं मिलता। इसके लिए पात्रता और संबंधित नियम लागू होते हैं।
महिलाओं के लिए भी खुली जेल की तैयारी
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए भी जल्द से जल्द खुली जेल की व्यवस्था शुरू करने की बात कही। यह घोषणा महिला बंदियों के पुनर्वास और उन्हें जेल से बाहर सामाजिक जीवन में वापस लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। हालांकि इसके लिए स्थान, नियम, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया जैसे पहलुओं को लागू करना होगा।
