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MP News : कटनी की सस्पेंड CSP नेहा पच्चीसिया को कोर्ट से भी झटका, अग्रिम जमानत खारिज

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MP News : कटनी में सस्पेंड की जा चुकीं CSP नेहा पच्चीसिया के लिए हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. पहले नौकरी गई, अब कोर्ट ने भी साथ नहीं दिया. जिला न्यायालय में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर पूरे दिन बहस हुई और शाम होते-होते फैसला आ गया  याचिका खारिज.

दिनभर चली बहस, फैसला गया विपक्ष में

नेहा और उनके करीबियों ने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि गिरफ्तारी की तलवार सिर पर लटक सकती है, इसलिए अग्रिम जमानत के लिए विशेष न्यायाधीश की अदालत का रुख किया गया. दोपहर से शाम तक वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं, मगर कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुई. नतीजा साफ है  फिलहाल राहत की कोई गुंजाइश नहीं बची.

सिर पर इनाम, फिर भी नहीं मिल रहा सुराग

पुलिस ने मामले को हल्के में नहीं लिया. जिला पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने खुद नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है. इनाम इतना बड़ा तो नहीं, लेकिन इशारा साफ है कि पुलिस अब मुखबिरों के भरोसे भी दांव खेल रही है. फिर भी सस्पेंड सीएसपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.

लुकआउट नोटिस क्यों जारी करना पड़ा

जिन दो और लोगों पर इनाम रखा गया है, वो हैं फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और खरीदार मारुफ हनफी. तीनों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं और घरों पर ताले लटके हैं. जब घर, फोन और ठिकाने सब बंद मिलें, तो शक होना लाजमी है कि कहीं मामला विदेश भागने तक न पहुंच जाए. यही आशंका सच होती दिख रही थी, इसलिए पुलिस ने एहतियातन लुकआउट नोटिस जारी कर दिया  यानी अब ये तीनों देश की सीमा भी पार नहीं कर पाएंगे.

शुरुआत कहां से हुई थी

अब जरा शुरुआत की कहानी पर आते हैं. कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवक की हत्या के आरोप में एक युवक जेल गया था. उसके पिता ने आरोप लगाया कि बेटे को राहत दिलाने के बहाने उनसे 15 लाख रुपये मांगे गए. यानी न्याय भी अब कीमत लगाकर बिकने की कहानी बन गई थी.

जमीन बेचने का दबाव और आंकड़ों का खेल

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस पूरी मांग में कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका भी सामने आई. जब परिवार के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी, तो उन्हें जमीन बेचने की सलाह दी गई. करीब दो हेक्टेयर जमीन की असली कीमत करीब 82 लाख रुपये आंकी गई, मगर कागजों में सौदा 1.07 करोड़ रुपये का दिखाया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिवार के हाथ में आखिर में सिर्फ 18 लाख रुपये ही आए. बाकी रकम कहां गई, यह सवाल अब भी जांच का हिस्सा है.

सीएम मोहन यादव के आदेश के बाद हुआ निलंबन

जैसे ही यह मामला सामने आया, प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, और इसके बाद सीएसपी नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया. निलंबित अधिकारी पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है. जमीन के सौदे से लेकर कथित रिश्वतखोरी तक, हर पहलू अब जांच के घेरे में है.