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MP Patwari Strike 2026: मध्यप्रदेश में पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल शुरू, 25 साल पुरानी मांगों पर सरकार से आर-पार की लड़ाई

3 अगस्त से शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान समेत कई मांगों को लेकर हजारों पटवारी आंदोलन पर, सरकार ने दिए सकारात्मक संकेत लेकिन फैसला अभी बाकी।
MP Patwari Strike 2026

 

मध्यप्रदेश में एक बार फिर राजस्व व्यवस्था चर्चा के केंद्र में है। प्रदेशभर के पटवारियों ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर बस्ताबंद हड़ताल शुरू कर दी है। 3 अगस्त से शुरू हुए इस आंदोलन में हजारों पटवारी शामिल हैं और उनका कहना है कि जब तक सरकार लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक काम पर लौटने का सवाल ही नहीं उठता।

यह मामला सिर्फ कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है। यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका असर किसानों, जमीन से जुड़े मामलों, नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी और राजस्व कार्यालयों के कई जरूरी कामों पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रदेश के लाखों लोगों की नजर अब सरकार और पटवारी संघ के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हुई है।

पटवारी संघ ने क्यों शुरू की बस्ताबंद हड़ताल?

मध्यप्रदेश पटवारी संघ का कहना है कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें पिछले करीब 25 वर्षों से लंबित हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार आश्वासन मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ। इसी कारण इस बार प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।

संघ का कहना है कि यह हड़ताल किसी एक मुद्दे की नहीं बल्कि पूरे सेवा ढांचे से जुड़ी समस्याओं की है। कर्मचारियों का मानना है कि लंबे समय से पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े मामलों में देरी होने से उनका करियर प्रभावित हुआ है।

राजस्व मंत्री से हुई बैठक, लेकिन आंदोलन जारी

हड़ताल शुरू होने के पहले दिन पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से मुलाकात की। बैठक के दौरान मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

MP Patwari Strike 2026

हालांकि संघ ने साफ कर दिया कि केवल मौखिक आश्वासन अब पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि जब तक लंबित मांगों पर स्पष्ट आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन वापस लेने का निर्णय नहीं लिया जाएगा। यही कारण है कि बातचीत के बावजूद फिलहाल हड़ताल जारी है।

सबसे बड़ी मांग है कैडर रिव्यू लागू करना

इस आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा कैडर रिव्यू है। पटवारी संघ का कहना है कि सेवा संरचना में लंबे समय से कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। इसके साथ ही समयमान वेतनमान की विसंगतियां दूर करने और नियमित पदोन्नति व्यवस्था लागू करने की भी मांग की जा रही है। संघ का दावा है कि यदि समय रहते कैडर रिव्यू लागू होता तो हजारों कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और बेहतर वेतनमान का लाभ मिल सकता था।

MP Patwari Strike 2026

इन मांगों पर भी सरकार से फैसला चाहता है संघ

कैडर रिव्यू के अलावा पटवारी संघ ने कई अन्य मुद्दे भी सरकार के सामने रखे हैं। इनमें जजेस प्रोटेक्शन एक्ट के तहत संरक्षण, संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त करना, विभिन्न सरकारी योजनाओं में किए गए कार्य का लंबित मानदेय जारी करना तथा नायब तहसीलदार भर्ती के लिए विभागीय परीक्षा जल्द आयोजित करना शामिल है। संघ का कहना है कि इन सभी मामलों में लंबे समय से निर्णय लंबित है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।