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MP Pre-monsoon update 2026 : प्री-मानसून की दस्तक से बदला मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज


MP Pre-monsoon update 2026 : मध्यप्रदेश में जून की शुरुआत के साथ मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 3 जून को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, चंबल और शहडोल संभाग के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बादलों की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश और बूंदाबांदी के आसार

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। दिन के तापमान में गिरावट और आसमान में बादलों की मौजूदगी ने गर्मी की तीव्रता को कम किया है। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्यप्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत हो रही हैं। यही कारण है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का मिश्रित असर देखने को मिल रहा है।

बुरहानपुर, खंडवा और धार में तेज आंधी का खतरा

मौसम विभाग ने बुरहानपुर, खंडवा, धार, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून के दौरान इस प्रकार की स्थानीय मौसमीय घटनाएं सामान्य होती हैं, लेकिन कई बार इनका प्रभाव अचानक और तीव्र हो सकता है।

तापमान में गिरावट से मिली राहत

पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से ग्वालियर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान लगभग 2.8 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ। वहीं शहडोल संभाग में तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रिकॉर्ड किया गया। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और शहडोल संभागों में भी तापमान सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बादल छाए रहने और बीच-बीच में हो रही बारिश ने गर्मी की तीव्रता को काफी हद तक कम किया है।

खंडवा रहा सबसे गर्म जिला

हालांकि प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है, फिर भी कुछ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचा। खंडवा में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके बाद विदिशा में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। बालाघाट जिले के मलाजखंड में 39.3 डिग्री और अनूपपुर जिले के अमरकंटक में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन मौसम में आई नरमी लोगों को बड़ी राहत दे रही है।

पचमढ़ी बना सबसे ठंडा स्थान

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। सामान्यतः गर्मियों के दौरान भी पचमढ़ी का मौसम प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बादलों और नमी के कारण तापमान में अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

अगले कुछ दिनों तक राहत

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्री-मानसून गतिविधियां इसी तरह जारी रहती हैं तो जून के शुरुआती दिनों में लू जैसी परिस्थितियों से काफी हद तक बचाव हो सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए नागरिकों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखनी चाहिए।