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MP Pre Monsoon Update : भीषण गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की दस्तक ,जानिए कब तक पूरे देश में छाएगा मानसून


MP Pre Monsoon Update : मध्य प्रदेश के लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही भीषण गर्मी से आखिरकार राहत मिलने लगी है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुईं, जिससे तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर, दतिया, छतरपुर और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदला, जबकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, देशभर की निगाहें मानसून की प्रगति पर टिकी हैं, जो फिलहाल केरल तट के पास धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।

कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी नीचे

मई के अंतिम सप्ताह में जहां प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को मौसम ने राहत दी। ग्वालियर का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और दतिया का 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 10 डिग्री कम रहा। इसी तरह, छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 39.2 डिग्री और नौगांव में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री कम था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ, नमी वाली हवाओं और प्री-मानसून गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ वज्रपात और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट

भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, धार, उज्जैन, रतलाम, गुना, शिवपुरी, मुरैना, रीवा, शहडोल और बालाघाट सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर और सागर जैसे इलाकों में आंधी और बारिश के बावजूद लू का आंशिक असर बना रह सकता है। इसका मतलब है कि मौसम पूरी तरह स्थिर होने में अभी समय लग सकता है।

मानसून की चाल धीमी, केरल पहुंचने में हो रही देरी

इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर मौसम विभाग का शुरुआती अनुमान सही साबित नहीं हुआ। पहले संभावना जताई गई थी कि मानसून 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा, लेकिन यह अब तक तट से कुछ दूरी पर ही बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और आसपास के वातावरणीय कारकों के कारण मानसून की गति धीमी हुई है। भारतीय मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगले सात दिनों के भीतर मानसून केरल में प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और उसके बाद धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ता है।

मध्य प्रदेश में मानसून कब पहुंच सकता है?

सामान्य परिस्थितियों में मानसून मध्य जून तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाता है। यदि वर्तमान परिस्थितियों में बड़ा बदलाव नहीं होता, तो प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य समय के आसपास होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती देरी का असर मानसून की कुल अवधि पर जरूरी नहीं पड़ता। कई बार मानसून देर से शुरू होकर भी सामान्य या उससे अधिक वर्षा दे सकता है।

जून-जुलाई में किन राज्यों में बनी रहेगी गर्मी?

मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में जून और जुलाई के दौरान हीटवेव की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। ऐसे में बिजली की मांग, जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।