MP Property Registry Rules : मध्य प्रदेश में अगर आप
जमीन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब के लिए राहत भरी हो सकती है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में किए गए हालिया संशोधन के बाद अब सरकार को रजिस्ट्री पर लगने वाले अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क को कम करने या पूरी तरह माफ करने का कानूनी अधिकार मिल गया है। यह बदलाव आम आदमी के लिए घर या जमीन खरीदने के सपने को थोड़ा और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकार को मिला नया कानूनी अधिकार
इस संशोधन की सबसे खास बात यह है कि सरकार के पास अब उन ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क में कटौती करने का विकल्प है जहाँ विकास कार्यों के नाम पर पहले अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूला जाता था। अभी तक स्थिति यह थी कि नगर पालिकाओं या शहरी सीमा से सटे गांवों में जमीन खरीदते वक्त स्टाम्प शुल्क के साथ एक अतिरिक्त बोझ भी होता था। लेकिन अब अनुच्छेद 213 के तहत लाए गए अध्यादेश, 2026 के जरिए स्थिति बदल गई है। विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम 10 जून 2026 से पूरे राज्य में लागू हो चुका है। सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो अब तक ऊंची रजिस्ट्री फीस के कारण निवेश करने से बच रहे थे।
किसे मिलेगा इस बदलाव का सीधा लाभ
यह नियम आने वाले समय में कई वर्गों के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री करवाने पर स्टाम्प शुल्क में रियायत दिए जाने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को भी इस नई व्यवस्था के तहत राहत दी जा सकती है, जिससे किफायती घर का सपना देखना और उसे पूरा करना और आसान हो जाएगा। सरकार का यह भी स्पष्ट संकेत है कि यदि कोई व्यक्ति ग्रामीण इलाकों में नए उद्योग या रोजगार शुरू करने के उद्देश्य से जमीन खरीदना चाहता है, तो उसे टैक्स में विशेष छूट दी जा सकती है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में मददगार साबित होगा। जो लोग अब तक गांव की जमीन को केवल कृषि के नजरिए से देखते थे, वे अब वहां अपना छोटा व्यापार भी कम लागत में शुरू कर पाएंगे।
कैसे बचेगी आपकी मेहनत की कमाई
वर्तमान व्यवस्था में जब भी हम संपत्ति की रजिस्ट्री करवाते हैं, तो मुख्य स्टाम्प शुल्क के साथ अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क भी देना पड़ता है। मान लीजिए कि किसी जमीन की रजिस्ट्री पर 1 लाख रुपये का मुख्य शुल्क लग रहा है, तो अब तक आपको लगभग 10 हजार रुपये अतिरिक्त शुल्क के रूप में देने पड़ते थे। नए नियम के तहत, यदि सरकार इस अतिरिक्त शुल्क में छूट देने का आदेश जारी करती है, तो आप सीधे तौर पर अपने 10 हजार रुपये बचा पाएंगे। यह छोटी दिखने वाली राशि वास्तव में घर बनाने या जमीन की बाउंड्री वॉल बनवाने जैसे कार्यों में काफी काम आ सकती है।