MP Patwari Transfer Rules 2026 : मध्य प्रदेश में
ट्रांसफर प्रक्रिया की अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। इसी बीच राजस्व विभाग ने पटवारियों के लिए नई संविलियन नीति जारी कर दी है। इस नीति के लागू होने के बाद अब पटवारियों के लिए अंतर-जिला संविलियन पहले की तुलना में अधिक नियमों और शर्तों के तहत होगा। नई व्यवस्था में साफ कर दिया गया है कि केवल इच्छा जताने भर से संविलियन नहीं होगा। जिस जिले में संविलियन की मांग की जाएगी, वहां पद रिक्त होना जरूरी होगा। इसके अलावा वरिष्ठता, आरक्षण और सेवा संबंधी कई अन्य नियमों का भी पालन करना होगा।
गृह तहसील में नौकरी का रास्ता लगभग बंद
नई संविलियन नीति का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि पटवारियों को अपनी गृह तहसील में पदस्थापना का अवसर नहीं मिलेगा। लंबे समय से कई कर्मचारी गृह क्षेत्र में पदस्थापना की मांग करते रहे हैं, लेकिन नई नीति ने इस संभावना को काफी सीमित कर दिया है। इसके साथ ही यदि कोई पटवारी एक जिले से दूसरे जिले में संविलियन करवाता है, तो उसे अपनी पुरानी वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा। नए जिले में पदस्थापना मिलने के बाद उसकी वरिष्ठता वहीं से मानी जाएगी और पूर्व जिले की वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी।
आखिर अलग से संविलियन नीति की जरूरत क्यों पड़ी?
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पटवारी जिला संवर्ग का पद है। यही वजह है कि उनके लिए अलग संविलियन नीति जारी की गई है। विभाग का कहना है कि जिला संवर्ग की प्रकृति को देखते हुए स्थानांतरण और संविलियन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश आवश्यक थे। नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्त हुए पटवारी अंतर-जिला संविलियन के लिए पात्र होंगे। वहीं 2022 की परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए पटवारियों को कुछ विशेष परिस्थितियों में ही राहत दी जाएगी।
खाली पद होने पर ही होगा संविलियन
नई व्यवस्था के तहत किसी भी जिले में संविलियन तभी संभव होगा, जब वहां संबंधित पद रिक्त हो। केवल आवेदन देने से संविलियन का अधिकार नहीं बन जाएगा। इसके अलावा आरक्षण संबंधी प्रावधानों और जिला आरक्षण रोस्टर का पालन भी अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि संविलियन प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता और निर्धारित नियमों के आधार पर होगी।
परिवीक्षा अवधि वाले कर्मचारियों के लिए भी नियम तय
यदि किसी पटवारी का संविलियन होता है और वह अभी परिवीक्षा अवधि में है, तो उसकी परिवीक्षा का निराकरण नए जिले में पदस्थापना के बाद किया जाएगा। साथ ही पूर्व जिले में लागू नियमों का भी पालन किया जाएगा। राजस्व विभाग ने यह भी तय किया है कि संविलियन आदेश जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारी को 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
ऑनलाइन आवेदन करना होगा
संविलियन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक पटवारियों को आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन पत्र में मांगी गई जानकारी सही और पूर्ण रूप से भरना आवश्यक होगा। सामान्य स्थिति में अलग से दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिन पर प्रकरण दर्ज हैं, उन्हें नहीं मिलेगा लाभ
नई नीति के तहत जिन पटवारियों के खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज है, उनके संविलियन या तबादले नहीं किए जाएंगे। यह प्रावधान प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शामिल किया गया है। संविलियन से जुड़े सभी अंतिम आदेश आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश द्वारा जारी किए जाएंगे।
2022 भर्ती वाले पटवारियों के लिए विशेष शर्तें
पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को कुछ विशेष परिस्थितियों में आवेदन की अनुमति दी गई है। यदि पति-पत्नी दोनों पटवारी हैं और संबंधित जिले में रिक्त पद उपलब्ध हैं, तो वे आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा विवाहित महिला, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिला पटवारियों को भी आवेदन का अवसर मिलेगा। गंभीर श्रेणी की बीमारियों से पीड़ित पटवारी भी रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में संविलियन के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं आपसी सहमति के आधार पर प्राप्त आवेदनों पर भी विभाग विचार कर सकेगा।