MP Weather: मानसून फिर सक्रिय, पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना, इन जिलों में रहें सावधान
Heavy Rain Alert MP : मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय बना हुआ है। रीवा, शहडोल, सीधी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, 29 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
28 अगस्त को जारी भोपाल मौसम केंद्र की रिपोर्ट में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा और सागर संभागों के अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई, जबकि चंबल, जबलपुर और शहडोल संभागों में अनेक स्थानों पर पानी गिरा।
किन जिलों में है खतरा
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रदेश के सात जिलों को लेकर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसमें रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।
इन इलाकों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे निचली बस्तियों और सड़कों पर पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए विभाग ने साफ कहा है कि बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें।
भोपाल में हल्की फुहारें, इंदौर-उज्जैन में राहत
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां शनिवार को हल्की-फुल्की बारिश होने के आसार हैं, कोई भारी अलर्ट नहीं है।
इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल इलाके के लोगों के लिए भी राहत की खबर है। यहां तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
लेकिन किसान भाइयों को यह सलाह जरूर दी गई है कि अपने खेतों में पानी निकासी का इंतजाम पहले से दुरुस्त रखें, ताकि अचानक बारिश आने पर फसल को नुकसान न पहुंचे।
पूर्वी एमपी पर ज्यादा मेहरबान है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार बारिश का सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्से पर ज्यादा सक्रिय है। यही वजह है कि रीवा, शहडोल और जबलपुर जैसे जिलों में बारिश की रफ्तार तेज बनी रहेगी।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में इस दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज होने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि यही स्थिति अगले चार दिनों तक बने रहने की संभावना है, यानी पूर्वी हिस्से के लोगों को अभी सतर्क रहना होगा।
अब तक कितनी बारिश हुई, आंकड़े क्या कहते हैं
मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक प्रदेश में 683.9 मिलीमीटर यानी करीब 26.9 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है।
यह आंकड़ा सामान्य बारिश के हिसाब से कम है। सामान्यतः इस समय तक 29.5 इंच यानी 750.9 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। मतलब प्रदेश में अभी भी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी बनी हुई है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब नौ प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में यह कमी छह प्रतिशत के आसपास है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह आंकड़ा बारह प्रतिशत तक पहुंच गया है।
किन जिलों में अब भी कमी बरकरार
प्रदेश के 37 जिलों में बारिश अब भी सामान्य से कम है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में यह कमी उन्नीस प्रतिशत तक देखी गई है।
इसके अलावा बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में भी बारिश एक से उनचास प्रतिशत तक कम रही है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश की बात करें तो आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश चार से उनचास प्रतिशत तक कम दर्ज हुई है।
इन 18 जिलों में हुई ज्यादा बारिश
हर जगह कमी की ही खबर नहीं है। कुछ जिलों में इस बार औसत से ज्यादा भी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है।
