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MP Weather Update : मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश, अगले 48 घंटे में इन 12 जिलों में अलर्ट,जानें पूरी लिस्ट

MP Weather Update

MP Weather Update :  मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ने के मूड में नहीं दिख रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और पूर्वी तथा मध्य मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 18 अगस्त को भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

बीते 24 घंटे में रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों के ज्यादातर इलाकों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभागों में भी कई स्थानों पर पानी गिरा। नर्मदापुरम संभाग में कुछ जगह बारिश हुई, जबकि इंदौर और उज्जैन संभागों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। IMD भोपाल की दैनिक रिपोर्ट भी इन क्षेत्रों में बारिश की पुष्टि करती है।

कहां-कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग की रिपोर्ट देखें तो रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में लगभग हर जगह बारिश दर्ज हुई है। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग भी इससे अछूते नहीं रहे। सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो सिहोरा नंबर वन पर रहा, यहां 120.3 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके बाद मझौली में 105.4 मिलीमीटर और पुष्पराजगढ़ में 104.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। नईगढ़ी में 89 मिलीमीटर तो हनुमना में 80 मिलीमीटर पानी बरसा। जबलपुर संभाग में तो जैसे बादल पूरी तरह मेहरबान रहे। कई जगह लगातार बारिश ने नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा दिया है।

तापमान का हाल भी जान लीजिए

बारिश के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान सतना के चित्रकूट और सीधी में 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान खरगौन में 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, यानी रात के वक्त वहां हल्की ठंडक महसूस की गई।

अगले 24 घंटे भारी, इन जिलों में रहें सतर्क

मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि बारिश का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। सिवनी, मंडला और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी भी दी गई है।

इसके अलावा रायसेन, राजगढ़, सतना, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर और छतरपुर जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। यहां भी आंधी और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है।


इन जिलों में भी दिखेगा असर

भोपाल, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगौन, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जैसे जिलों में गरज-चमक और तेज हवा का असर देखा जा सकता है। जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तो कई जगह बारिश की झड़ी लगने का अनुमान है।

48 घंटे का पूर्वानुमान 

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे भी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद कम है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 18 अगस्त को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ज्यादातर जगहों पर बारिश हो सकती है।

19 अगस्त के आसपास भी प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है, लेकिन पूरी तरह थमेगी नहीं। मौसम विभाग का 17 से 21 अगस्त तक का पूर्वानुमान लगातार बारिश की गतिविधि की ओर इशारा करता है।

आखिर इतनी बारिश की वजह क्या है

इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई मौसमी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय अवस्था में है।

मध्य प्रदेश के ऊपर भी एक ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण बना हुआ है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन तीनों सिस्टम के मिलेजुले असर से ही प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार नमी और बारिश बनी हुई है।