- सीधी जिला 43.8 डिग्री तापमान के साथ मध्य प्रदेश में सबसे गर्म रहा।
- राजधानी भोपाल में पारा 43.7 डिग्री तक पहुंचा, दोपहर में बढ़ी तपिश।
- प्रदेश के 25 जिलों में अगले 24 घंटों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार।
- फिलहाल किसी भी जिले में लू (Heatwave) का कोई आधिकारिक अलर्ट नहीं।
- पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में आ रहा है बदलाव।
MP Weather Update :
मध्य प्रदेश में सूरज के तेवर कड़े होने लगे हैं और प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मई की इस तपिश के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर भी दी है। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है। राहत की बात यह है कि भीषण गर्मी के बावजूद फिलहाल मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए 'हीटवेव' यानी लू का अलर्ट जारी नहीं किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में गर्मी का सबसे ज्यादा असर सीधी और राजधानी भोपाल में देखने को मिल रहा है। सीधी जिला 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा। वहीं भोपाल में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, जहां पारा 43.7 डिग्री दर्ज किया गया। रायसेन में तापमान 43.6 डिग्री और खजुराहो में 43.4 डिग्री रहा। मालवा के खंडवा में भी गर्मी का असर तेज है और वहां पारा 43.1 डिग्री तक पहुंच गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद भी जगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के एक बड़े हिस्से में हल्की बारिश हो सकती है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जैसे उत्तर मध्य प्रदेश के जिलों में बादल बरस सकते हैं। इसके अलावा विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी में भी बूंदाबांदी के आसार हैं। जबलपुर, कटनी, सिवनी, मंडला और बालाघाट के साथ-साथ पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। दिन की तपिश के साथ-साथ कुछ इलाकों में रातें भी गर्म होने लगी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान मंडला में रात का तापमान सबसे अधिक रहा, जिससे वहां उमस और बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि, रायसेन में रात के समय थोड़ी ठंडक महसूस की गई, जहां न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। कटनी के करौंदी और खजुराहो में भी न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच रहा, जो दिन की तुलना में काफी राहत देने वाला है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है। यह चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में मौजूद है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 3.1 से 5.8 किलोमीटर के बीच है। इसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदला है और नमी आने के कारण गरज-चमक की स्थिति बन रही है। इसी वजह से कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर होने के बावजूद हीटवेव की स्थिति नहीं बन पा रही है और बारिश की संभावना बनी हुई है।