MP Wheat Procurement 2026 Last Date : मध्य प्रदेश के गेहूं
उत्पादक किसानों के लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में सरकारी स्तर पर गेहूं खरीदी (उपार्जन) की अंतिम तारीख को 23 मई से बढ़ाकर अब 28 मई 2026 कर दिया है। यह फैसला उन किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा जिन्होंने समय पर अपना स्लॉट तो बुक कर लिया था, लेकिन खरीदी केंद्रों पर भारी भीड़ और लंबी लाइनों की वजह से अपनी फसल नहीं बेच पाए थे। मुख्यमंत्री ने 20 मई को भोपाल में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की। सरकार का लक्ष्य इस सीजन में रिकॉर्ड 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का है, जिसमें से अब तक 91 लाख मीट्रिक टन की खरीदी पूरी हो चुकी है।
स्लॉट बुक करने वाले सभी किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया है कि जिन भी किसानों ने 23 मई तक के लिए अपने स्लॉट बुक कर लिए हैं, उन्हें परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार उनके अनाज का एक-एक दाना खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की तरफ से लगातार यह बात सामने आ रही थी कि स्लॉट बुकिंग के बावजूद केंद्रों पर कतारें लंबी हैं और तय समय में फसल तौलना मुश्किल हो रहा है। किसानों की इसी व्यावहारिक समस्या को समझते हुए प्रशासनिक स्तर पर प्रबंधन दुरुस्त किया गया है और पांच दिन का अतिरिक्त समय दे दिया गया है।
टूट गया पिछला रिकॉर्ड, इस बार 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
इस साल मध्य प्रदेश ने गेहूं खरीदी के मामले में अपने पिछले कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल राज्य सरकार ने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी। वहीं इस साल सरकार 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने के बेहद करीब पहुंच गई है। https://twitter.com/mpbignews/status/2057325149968597190 अब तक 91 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा की गई सर्वाधिक खरीदी है। इस बड़े पैमाने पर हो रही खरीदी से सीधे तौर पर राज्य के लाखों किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है।
वैश्विक चुनौतियों और खराब मौसम के बीच बेहतर प्रबंधन
गेहूं की इतनी बड़ी मात्रा को संभालना सरकार के लिए आसान नहीं था। इस बार समय से पहले बदलते मौसम, बेमौसम बारिश की आशंका और परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) जैसी कई बड़ी चुनौतियां सामने थीं। इसके अलावा इतनी बड़ी फसल के लिए बारदाने (जूट की बोरियां) का इंतजाम करना और अनाज को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों में भंडारण क्षमता बढ़ाना भी एक बड़ा टास्क था। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन तमाम वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए, जिससे खरीदी प्रक्रिया बिना रुके जारी रही।
2625 रुपये प्रति क्विंटल का मिल रहा है दाम
मध्य प्रदेश सरकार इस बार किसानों को गेहूं पर 2400 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ 225 रुपये प्रति क्विंटल का विशेष बोनस भी दे रही है। इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खुले बाजार की तुलना में यह दाम किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। बैंक खातों में सीधे भुगतान (DBT) के जरिए राशि ट्रांसफर की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।