नरसिंहपुर हादसा: सड़क दुर्घटना या साजिश? 5 युवकों की मौत के बाद हाईवे पर उबाल, पुलिस दो एंगल से कर रही जांच
- चार घंटे तक हाईवे रहा जाम।
- पुलिस ने हाइवा मालिक और चालक पर मामला दर्ज किया।
- सड़क हादसा और रंजिश, दोनों एंगल से जांच जारी।
Narsinghpur Highway Accident : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-45) पर हुआ दर्दनाक हादसा अब केवल सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है। पांच युवकों की मौत के बाद पूरे इलाके में गुस्सा और सवाल दोनों बढ़ गए हैं। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। वहीं पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए दो अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह बेलखेड़ा के पावला तिराहे पर ग्रामीणों ने मृतकों के शव रखकर करीब चार घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन तब खत्म हुआ, जब पुलिस ने हाइवा मालिक, चालक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के मुताबिक, बेलखेड़ा के पावला गांव के छह युवक रविवार को पिकनिक मनाने के लिए नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर स्थित हाथीनाला जलप्रपात गए थे। शाम को लौटते समय वे एनएच-45 पर इंदिरा नगर गांव के पास सड़क किनारे रुके हुए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक युवक गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान राजेंद्र पटेल (30), वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (20) के रूप में हुई है।
परिजनों ने उठाए सवाल?
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर यह सामान्य सड़क दुर्घटना थी तो घटना के कई घंटे बाद तक हाइवा और उसके चालक का पता क्यों नहीं चल सका।
इसी वजह से परिजनों ने इसे पूर्व नियोजित हत्या की आशंका से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और सभी जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय मिलने का भरोसा नहीं होगा। फिलहाल यह आरोप जांच के दायरे में हैं और पुलिस ने अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं की है।
चार घंटे तक जाम रहा एनएच-45
सोमवार सुबह शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े आंदोलन में बदल गया। ग्रामीणों ने पावला तिराहे पर शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक जबलपुर-भोपाल मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
स्थिति को देखते हुए नरसिंहपुर और जबलपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी मौके पर दर्ज किए गए। एफआईआर दर्ज होने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया और दोपहर करीब 3:30 बजे हाईवे पर यातायात फिर से सामान्य हो सका।
पुलिस अब किन पहलुओं पर कर रही है जांच?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, पुलिस ने परिजनों की शिकायत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हाइवा मालिक आनंद सिंह, चालक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि जांच केवल सड़क दुर्घटना के रूप में ही नहीं बल्कि संभावित रंजिश या अन्य कारणों के एंगल से भी की जा रही है। यानी फिलहाल दोनों संभावनाओं को खुला रखा गया है और जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। यही कारण है कि पुलिस जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय उपलब्ध सबूतों को इकट्ठा कर रही है।
