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नरसिंहपुर ने सीएम हेल्पलाइन में दिया शानदार प्रदर्शन, प्रदेश में शीर्ष-10 में जगह बनाई


Narsinghpur CM Helpline Ranking : नरसिंहपुर जिला इन दिनों नागरिकों की शिकायतों को सुनने और उन्हें दूर करने में एक मिसाल बन गया है। मई 2026 की राज्य-स्तरीय रैंकिंग में इस जिले ने "ए" श्रेणी के अन्य जिलों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष-10 में अपनी जगह सुरक्षित की है। यह सफलता केवल एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि जब प्रशासन के पास इच्छाशक्ति होती है तो असली बदलाव संभव है।

जिले ने पाए 81.75 फीसद अंक

मई माह की रैंकिंग में नरसिंहपुर जिले को 81.75 प्रतिशत स्कोर हासिल हुआ। यह आंकड़ा महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इसी स्कोर के आधार पर जिला अपनी श्रेणी के 27 जिलों में दसवें स्थान तक पहुंचा। कोई यह सोच सकता है कि डिजिटल युग में शिकायत निवारण कितना मुश्किल हो सकता है, लेकिन हकीकत यह है कि सिर्फ कागज पर नीति बनाना काफी नहीं होता। इसे क्रियान्वित करने के लिए समर्पण चाहिए, और नरसिंहपुर में वह समर्पण है।

8 हजार से ज्यादा शिकायतें मिलीं, ज्यादातर का निवारण हुआ

सीएम हेल्पलाइन 181 के तहत मई में नरसिंहपुर जिले में कुल 8,667 शिकायतें दर्ज हुईं। यह संख्या अकेली कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इसके साथ जो महत्वपूर्ण है वह है इन शिकायतों का निपटारा। कलेक्टर की निगरानी में विभागों ने इन सभी शिकायतों पर सक्रियता से काम किया। जिले को 47.24 का संतुष्टि स्कोर मिला, जो बताता है कि सिर्फ शिकायत सुनना ही नहीं, बल्कि उन्हें सही तरीके से हल करना कितना जरूरी है। नागरिकों का विश्वास ही असली संपत्ति है शिकायत दर्ज करने के बाद जब कोई नागरिक यह देखता है कि उसकी समस्या का समाधान हो गया, तो उसके मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ता है। नरसिंहपुर में जो संतुष्टि स्कोर मिला है, वह इसी विश्वास को दर्शाता है। आज के समय में जब लोग सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, ऐसे में यह जिला साबित कर रहा है कि प्रशासन अगर सचेत हो, तो वह कुछ भी बदल सकता है। यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। कलेक्टर का फोकस ही असली शक्ति है कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह इस सफलता के पीछे की मुख्य शक्ति हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जो निर्देश दिए हैं, वह दो मुख्य बातों पर केंद्रित हैं। पहली, शिकायतों के निवारण में गुणवत्ता बनाए रखना, और दूसरी, जिले की रैंकिंग को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना। यह दृष्टिकोण ही बताता है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से ले रहा है।

लंबित शिकायतों पर बिजली गति से काम

कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित शिकायतों के शीघ्र निवारण पर विशेष जोर दिया है। इसका मतलब यह है कि जो शिकायतें अभी तक अधूरी हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होगी। साथ ही, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि सिर्फ शिकायत दर्ज हो जाना काफी नहीं है, बल्कि उसका समाधान इस तरह होना चाहिए कि शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिले।

आने वाले महीनों में और बेहतरी की उम्मीद

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की यह कार्ययोजना यह दिखाती है कि नरसिंहपुर जिला आने वाले महीनों में अपना प्रदर्शन और बेहतर बनाने वाला है। मई में जो सफलता मिली है, वह जून, जुलाई और आगे के महीनों में और बड़ी हो सकती है। यह तभी संभव है जब सभी विभाग एक साथ काम करें और हर शिकायत को उसके लायक महत्व दें।