Narsinghpur District Hospital : गेट पास नियम लागू होते ही मचा बवाल, मरीज के परिजनों ने किया हंगामा
नरसिंहपुर के शासकीय जिला अस्पताल में आज 29 जून का दिन किसी युद्धक्षेत्र से कम नहीं रहा। अस्पताल प्रशासन ने महिला वार्ड में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए गेट पास की नई व्यवस्था लागू की, लेकिन यह कदम इतना अचानक था कि देखते ही देखते अस्पताल परिसर 'कुरुक्षेत्र' में तब्दील हो गया। जैसे ही सुरक्षा कर्मियों ने बिना गेट पास के परिजनों को अंदर जाने से रोका, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अस्पताल का मुख्य गेट जाम हो गया और वहां नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आम लोगों का निकलना दूभर हो गया। जो मरीज पहले से ही भर्ती हैं, उनके तीमारदार गेट पर ही घंटों तक अटके रहे। अस्पताल में भर्ती अपने प्रियजनों तक खाना, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाना भी लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। खास तौर पर उन लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा रहीं जो दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए आए थे। नाराज भीड़ को देखते हुए अस्पताल की शांति व्यवस्था खतरे में पड़ गई थी। जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तब सिविल सर्जन ने मोर्चा संभाला। वे अस्पताल चौकी के स्टाफ के साथ खुद गेट पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों से बात की। काफी देर तक चली चर्चा और जद्दोजहद के बाद, सिविल सर्जन ने लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया।
सिविल सर्जन ने कहा कि यह व्यवस्था मरीजों की सुरक्षा और वार्डों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि वार्ड में ज्यादा लोगों के होने से न केवल संक्रमण का खतरा रहता है, बल्कि कामकाज में भी बाधा आती है।
सिविल सर्जन ने कहा कि यह व्यवस्था मरीजों की सुरक्षा और वार्डों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि वार्ड में ज्यादा लोगों के होने से न केवल संक्रमण का खतरा रहता है, बल्कि कामकाज में भी बाधा आती है।