- नरसिंहपुर के करकबेल में शराब कारोबारी प्रदीप पर जानलेवा हमला हुआ।
- महिलाओं और युवकों के गुट ने प्रदीप को बीच सड़क पर बेल्ट और जूतों से पीटा।
- मारपीट के बाद आरोपियों ने पीड़ित का अपहरण किया और सुनसान जगह ले जाकर फिर हमला किया।
- विवाद की जड़ में अवैध शराब का एक पुराना और कथित रूप से झूठा पुलिस केस है।
- पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर 4 लोगों पर FIR दर्ज की है और जांच जारी है।
Madhya Pradesh crime news : नरसिंहपुर
जिले के ठेमी थाना क्षेत्र में आने वाले करकबेल में सरेराह गुंडागर्दी का एक खौफनाक मंजर सामने आया है। यहाँ एक शराब कारोबारी प्रदीप को कुछ महिलाओं और युवकों ने मिलकर बीच सड़क पर न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उसका अपहरण कर उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। यह पूरी घटना हाल ही में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक पुराने पुलिस केस को लेकर शुरू हुआ, जिसे आरोपी पक्ष झूठा बता रहा है। आरोपियों ने कानून को ताक पर रखकर प्रदीप पर लात-घूंसों और बेल्टों से हमला किया और उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले।
सरेराह मारपीट और फिर अपहरण की वारदात
घटना के दौरान करकबेल की सड़कों पर अचानक अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, बौछार निवासी अभिषेक के परिजन और कुछ अन्य युवक वहां पहुंचे और प्रदीप को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं और युवकों ने प्रदीप पर हमला कर दिया। उन्होंने प्रदीप को सड़क पर गिरा दिया और उस पर बेल्ट व जूतों की बरसात कर दी।

हैरानी की बात यह है कि आरोपी यहीं नहीं रुके। प्रदीप को बुरी तरह पीटने के बाद उन्होंने उसे जबरन एक गाड़ी में डाला और वहां से सुनसान इलाके की ओर ले गए। पीड़ित का आरोप है कि वहां ले जाकर उसे फिर से पीटा गया। हमलावर उसे तब तक मारते रहे जब तक वह बेदम नहीं हो गया। इसके बाद वे उसे वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पुराने विवाद की रंजिश ने लिया हिंसक रूप
इस पूरी घटना के पीछे की कहानी अवैध शराब के एक पुराने मामले से जुड़ी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ समय पहले अभिषेक नाम के युवक के खिलाफ 7 पेटी अवैध शराब रखने का केस दर्ज हुआ था। अभिषेक के परिवार का मानना है कि यह केस प्रदीप की वजह से हुआ और पूरी तरह से झूठा है। इसी बात का बदला लेने के लिए अभिषेक के रिश्तेदारों और साथियों ने करकबेल पहुंचकर प्रदीप पर हमला बोल दिया। प्रदीप ने अपने बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि हमले के वक्त मुख्य आरोपी दीपक लोधी कार में ही बैठा था, जबकि उसके इशारे पर अन्य महिलाओं और युवकों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। प्रदीप ने बताया कि ये लोग उसे जान से मारने की नीयत से आए थे और अपहरण के दौरान उसे काफी प्रताड़ित किया गया।
वीडियो वायरल पुलिस की कार्रवाई
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ठेमी थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने पुष्टि की है कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। इधर, स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ठेमी थाना क्षेत्र धीरे-धीरे अवैध गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। यहां शराब माफिया और असामाजिक तत्वों के बीच अक्सर टकराव होता रहता है, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।