मध्यप्रदेश में मानसून की चाल पर आया नया अपडेट, अगले 4 दिनों तक इन जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट!
21 July ka mousam : अरे भाई, क्या कहें इस बार के मानसून का? सावन का महीना चल रहा है और बारिश के नाम पर बस लुकाछिपी का खेल चल रहा है। खेतों में बैठे किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए देख रहे हैं कि कब काले बादल आएं और धरती की प्यास बुझाएं।
प्रदेश में मानसून को आए हुए अब पूरे पचास दिन हो चुके हैं। चौबीस जून की शाम को जब झमाझम बारिश के साथ मानसून ने एंट्री ली थी, तो सब को लगा था कि इस बार तो रेकॉर्ड तोड़ पानी गिरेगा। पर भाईसाहब, उम्मीदों पर थोड़ा पानी जरूर फिर गया है।
इस सीजन में अब तक कितना बरसा है पानी?
मौसम विभाग के आकड़ों पर नजर डालें तो हाल कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक जून से लेकर बीस जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में सामान्य से सत्रह फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश का हाल तो और भी थोड़ा ढीला है, जहां औसत से बाईस फीसदी कम पानी गिरा है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश में हालात फिर भी थोड़े ठीक हैं और वहां बारह फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मतलब साफ है कि इंद्र देवता अभी तक पूरी तरह से मेहरबान नहीं हुए हैं।
पूर्वी हिस्से में फिर से लौटने लगा है मानसून
अब थोड़ी राहत भरी खबर सुनिए। सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा का कहना है कि आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने वाला है।
अगले दो दिनों में तापमान में भी दो डिग्री तक की गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल जाएगी। जिन इलाकों से पिछले दो-तीन दिनों से मानसून रूठकर गायब हो गया था, वहां अब बादलों की वापसी पक्की मानी जा रही है।
मुरैना और भिंड में हो सकती है झमाझम बारिश
मौसम विभाग की मानें तो अगले चार दिनों में बारिश का जोर तेजी से बढ़ने वाला है। खासतौर पर पश्चिमी मध्यप्रदेश के मुरैना और भिंड जिलों में काले बादल जमकर बरस सकते हैं। अगर आपने अभी तक छाता या बरसाती बाहर नहीं निकाली है, तो निकाल लीजिए। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के भी पूरे आसार बने हुए हैं।
अगले चार दिनों का पूरा वेदर अपडेट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले चौबीस घंटों में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इक्कीस जुलाई की सुबह से बाईस जुलाई की सुबह तक भिंड, मुरैना, दमोह और कटनी जिलों में कुछ जगहों पर भारी पानी गिर सकता है। यहां साठ मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है और हवाएं भी किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं।
इसके बाद बाईस जुलाई से तेईस जुलाई के बीच श्योपुर, टीकमगढ़ और गुना में बादलों का पहरा रहेगा। इन इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी उम्मीद है। फिर तेईस जुलाई से चौबीस जुलाई के दौरान गुना के साथ-साथ छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह राहत की सांस लेकर आने वाला समय है, क्योंकि फसलों को अब पानी की सख्त जरूरत है।
