हे भगवान माफ करना...', हाथ जोड़ते ही मूर्ति के सामने चोर बदल जाता था अपराधी में, 10 थानों को छका चुका गिरोह आखिरकार दबोचा गया
Madhya Pradesh Crime News Today : भोपाल के आसपास के गांवों में पिछले कुछ महीनों से एक अजीब सी दहशत थी। रात होते ही मंदिरों के पुजारी और गांव वाले चौकन्ने हो जाते थे। वजह थी एक ऐसा गिरोह, जो चुपचाप मंदिरों में घुसता, भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़ता और फिर मुकुट, छत्र और दानपेटी का सामान समेट कर फरार हो जाता। अब भोपाल देहात पुलिस ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और इनके पास से करीब चार लाख रुपये कीमत की चांदी और धार्मिक सामग्री बरामद हुई है।
कौन है इस गिरोह का सरगना
इस गिरोह का मुखिया है रायसेन का रहने वाला दीनदयाल, जिसे लोग दीना महाराज के नाम से भी जानते हैं। नाम में भले ही "महाराज" जुड़ा हो, पर काम पूरी तरह उलट थे।पुलिस के मुताबिक इस पर पहले से 31 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यानी यह कोई नया खिलाड़ी नहीं, बल्कि पुराना और शातिर अपराधी था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दीना महाराज चोरी करने से पहले मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता था। मानो भगवान से इजाजत लेकर ही चोरी को अंजाम देता हो। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ मिलकर मुकुट, छत्र और दानपेटी की नकदी तक बटोर लेता था।
भोपाल, रायसेन और विदिशा तक फैला था नेटवर्क
यह गिरोह किसी एक इलाके तक सीमित नहीं था। भोपाल, रायसेन और विदिशा के गांव-गांव के मंदिरों को इन्होंने निशाना बनाया। इतने बड़े इलाके में वारदातें होने की वजह से करीब दस थानों की पुलिस अलग-अलग मामलों में इस गिरोह की तलाश कर रही थी। हर थाना अपने-अपने केस में सुराग जुटा रहा था, लेकिन कड़ी आपस में जुड़ नहीं पा रही थी। आखिरकार भोपाल देहात पुलिस ने पूरी बारीकी से जांच करते हुए इन तमाम मामलों को आपस में जोड़ा और गिरोह तक पहुंच गई।
चोरी का माल खरीदने वाला भी नहीं बचा
पुलिस ने सिर्फ चोरों को ही नहीं पकड़ा, बल्कि उस शख्स को भी गिरफ्तार किया जो इनसे चोरी की चांदी और सामान खरीदता था।
यह आरोपी होशंगाबाद का रहने वाला है, नाम है आनंद उर्फ इंद्र नारायण राजपूत। दिलचस्प बात यह है कि यह सिंचाई विभाग में सरकारी ड्राइवर के पद पर तैनात है। यानी दिन में सरकारी नौकरी करने वाला यह शख्स रात में मंदिरों से चुराई गई चांदी को खपाने का काम कर रहा था।
अब तक कबूल कर चुके हैं 12 वारदातें
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक की पूछताछ में गिरोह ने 11 मंदिरों में चोरी और एक चोरी की कोशिश, यानी कुल 12 वारदातों को कबूल किया है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी कई वारदातों से पर्दा उठ सकता है, क्योंकि आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा बताया जा रहा है।
गांव वालों के लिए राहत की खबर
जिन गांवों के मंदिरों में लगातार चोरियां हो रही थीं, वहां के लोगों के लिए यह गिरफ्तारी किसी राहत से कम नहीं। लंबे समय से डर के साये में जी रहे श्रद्धालु अब थोड़ा सुकून महसूस कर रहे हैं।
