Telegram पर Online Task से कमाई का झांसा, युवक से 12 लाख से ज्यादा की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
Mp Big News,Online earning scam: घर बैठे कमाई की तलाश कई बार लोगों को ऐसे ऑनलाइन जाल तक पहुंचा देती है, जहां शुरुआत छोटी कमाई से होती है और बाद में रकम जमा कराने का सिलसिला बढ़ता जाता है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर में सामने आया मामला इसी तरह के साइबर फ्रॉड की ओर इशारा करता है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने Telegram के जरिए संपर्क कर ऑनलाइन काम और कमाई का भरोसा दिलाया। शुरुआत में Google पर रेटिंग देने और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरे करने के बदले पैसे मिलने की बात कही गई। भरोसा बनने के बाद युवक को अलग-अलग टास्क दिए गए और उनसे रकम जमा कराने को कहा गया।
मामला तब गंभीर हो गया, जब अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पीड़ित से 12 लाख रुपये से ज्यादा जमा करा लिए गए। रकम वापस नहीं मिली तो उसे समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
लवकुशनगर में कैसे शुरू हुआ ऑनलाइन टास्क फ्रॉड?
लवकुशनगर निवासी सरफराज अहमद को आरोपियों ने ऑनलाइन कमाई का ऑफर दिया था। पुलिस के अनुसार, Telegram के जरिए उनसे संपर्क किया गया और घर बैठे पैसे कमाने का लालच दिया गया। शुरुआती टास्क में Google पर रेटिंग देने जैसे काम बताए गए। ऐसे काम सामान्य और कम जोखिम वाले दिखाई दे सकते हैं, इसलिए पीड़ित को भी शुरुआत में इसमें कुछ असामान्य नहीं लगा।
इसके बाद टास्क का तरीका बदलता गया। पीड़ित से अलग-अलग चरणों में पैसे जमा कराने को कहा गया। ऑनलाइन कमाई जारी रखने और टास्क पूरा करने के भरोसे में रकम ट्रांसफर होती रही। आखिरकार जमा की गई रकम 12 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई। जब पैसे वापस नहीं मिले, तब ठगी का पता चला।
पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद दो आरोपियों को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद लवकुशनगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में साइबर तकनीकी साक्ष्यों के साथ बैंकिंग लेनदेन की जानकारी को भी आधार बनाया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अयान खान निवासी गुना और सोनाली जैन निवासी ईसागढ़ को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 62 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद सामान और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम किन खातों में पहुंची और इसके बाद उसे कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।
Telegram पर मिले Online Task को कैसे जांचें?
किसी अनजान Telegram अकाउंट से Work From Home या Online Task का ऑफर मिले तो सिर्फ स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल फोटो या कुछ शुरुआती भुगतान देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए। खासकर अगर सामने वाला आपसे अपनी जेब से पैसे जमा कराने को कह रहा है, तो आगे बढ़ने से पहले ऑफर और कंपनी की स्वतंत्र रूप से जांच जरूरी है।
I4C के मुताबिक, संदिग्ध मोबाइल नंबर, Telegram handle, वेबसाइट URL, ईमेल आईडी और दूसरे डिजिटल पहचानकर्ताओं की रिपोर्ट National Cyber Crime Reporting Portal पर की जा सकती है।
