नवरात्रि के पहले दिन मध्य प्रदेश के मौसम मे बड़ा बदलाव कही पारा लुड़का तो कही गर्मी बरकरार, जानिए ताजा अपडेट
Mp Big News,Madhya Pradesh weather today : मध्य प्रदेश में अक्टूबर महीने के आगे बढ़ने के साथ ही मौसम के तेवर भी अलग-अलग रंग दिखाने लगे हैं। सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन और ठंडक का अहसास होने लगा है, तो वहीं दोपहर की धूप अभी भी तीखी बनी हुई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में मौसम का यह दोहरा मिजाज साफ देखा जा सकता है, जहां एक तरफ गर्मी परेशान कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ विंध्य क्षेत्र के रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत चार जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम की चाल में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
विंध्य के चार जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में इन दिनों मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं बना हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है, जिससे दिन में तेज धूप और गर्मी बरकरार रहेगी। लेकिन पूर्वी हिस्से के रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट बारिश होने के पूरे आसार हैं।
इंदौर में घुली ठंडक, बड़वानी में पारा 37 डिग्री के पार
प्रदेश के तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो रात और दिन के पारे में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। व्यावसायिक राजधानी इंदौर में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि भोपाल और पर्यटक स्थल पचमढ़ी में भी रात का पारा 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
इसके उलट, बड़वानी जिले के तालुन इलाके में अधिकतम तापमान अभी भी 37.1 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह के वक्त सुहावना मौसम और हल्की ठंडक राहत दे रही है, लेकिन दोपहर की चुभती हुई धूप लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिनभर घर से बाहर रहने वाले लोगों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है।
बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम, क्या बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग की गतिविधियों के मुताबिक, वर्तमान में राजस्थान से लेकर दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके साथ ही, आगामी 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित होने की संभावना जताई जा रही है।
इस मौसमी सिस्टम के असर और चाल पर मौसम विभाग की पैनी नजर है। हालांकि, यह नया सिस्टम आगे चलकर मध्य प्रदेश के मौसम को कितना प्रभावित करेगा और इससे किन-किन इलाकों में पानी बरसेगा, यह इस सिस्टम के पूरी तरह विकसित होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
